विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

नरकटियागंज में ही बनेगी सेंट्रल लैब, मरीजों को मिलेंगी 400 जांच सुविधाएं

Published: Wed, 09 Sep 2026 08:00 PM (IST)

Bihar Health Department:नरकटियागंज अनुमंडल अस्पताल में अत्याधुनिक सेंट्रल लैब की स्थापना को लेकर बना गतिरोध अब समाप्त हो गया है, ...और पढ़ें

निरीक्षण के दौरान अस्पताल प्रबंधक को निर्देश देते सिविल सर्जन डॉ. विजय कुमार। जागरण

निरीक्षण के दौरान अस्पताल प्रबंधक को निर्देश देते सिविल सर्जन डॉ. विजय कुमार। जागरण

जागरण संवाददाता, नरकटियागंज (पश्चिम चंपारण)। Narkatiaganj Sub Divisional Hospital: अनुमंडल अस्पताल नरकटियागंज में अत्याधुनिक सेंट्रल लैब की स्थापना को लेकर पिछले कई दिनों से बना गतिरोध अब पूरी तरह समाप्त हो गया है।

अस्पताल के औचक निरीक्षण पर पहुंचे सिविल सर्जन डॉ. विजय कुमार ने स्पष्ट कर दिया है कि यह लैब नरकटियागंज में ही स्थापित होगी। इस निर्णय के साथ ही जांच केंद्र को अन्यत्र स्थानांतरित करने को लेकर चल रही सभी अटकलों पर विराम लग गया है।

उपकरण पहले ही पहुंचे

अनुमंडल अस्पताल के नाम से आवंटित सेंट्रल लैब के लिए सप्लाई एजेंसी ने बीते 31 जुलाई को ही बायोकेमेस्ट्री एनालाइजर और इम्यूनोलॉजी एनालाइजर उपलब्ध करा दिए थे।

इन उन्नत जांच मशीनों को स्थापित करने के लिए अस्पताल परिसर में विशेष कक्ष का निर्माण कार्य भी लगभग पूरा हो चुका है।

तकनीकी संचालन के लिए आवश्यक तकनीशियन और अन्य सहायक स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती भी सुनिश्चित कर दी गई है।

लौरिया शिफ्टिंग पर विवाद

मशीनों की स्थापना की प्रक्रिया के बीच जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा लैब को लौरिया में शिफ्ट करने की चर्चा सामने आने के बाद भारी विवाद खड़ा हो गया था।

स्थानीय विधायक संजय कुमार पांडेय ने इस कदम का कड़ा विरोध करते हुए स्वीकृत स्थल पर ही लैब चालू कराने की मांग उठाई थी।

उन्होंने इस संबंध में जिलाधिकारी से निरंतर संपर्क साधकर जनहित में लैब को नरकटियागंज में ही बनाए रखने का दबाव बनाया था।

मरीजों का भारी दबाव

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार जिला मुख्यालय बेतिया के बाद सबसे अधिक मरीज नरकटियागंज अनुमंडल अस्पताल में ही इलाज के लिए पहुंचते हैं।

अत्यधिक ओपीडी लोड और भौगोलिक महत्व को देखते हुए ही शासन स्तर से यहां सेंट्रल लैब खोलने की अंतिम स्वीकृति दी गई थी।

इस नई सुविधा के बहाल होने से सीमावर्ती और सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों की एक बहुत बड़ी आबादी को स्थानीय स्तर पर ही आधुनिक जांच सुलभ हो सकेगी।

400 जांच की सुविधा

सेंट्रल लैब के विधिवत संचालन के बाद प्रति घंटे करीब 120 मरीजों की संपूर्ण शारीरिक जांच (होल बॉडी टेस्ट) की जा सकेगी। इस केंद्र पर मरीजों को लगभग 400 प्रकार की पैथोलॉजिकल और डायग्नोस्टिक जांच की अत्याधुनिक सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिलेंगी।

नरकटियागंज के अलावा आसपास के आधा दर्जन प्रखंडों के मरीजों को अब गंभीर और जटिल जांचों के लिए जिला मुख्यालय या निजी जांच केंद्रों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।