पश्चिम चंपारण के गौनाहा में आठ दिनों से मोबाइल नेटवर्क ठप, पढ़ाई और व्यापार प्रभावित
पश्चिम चंपारण के गौनाहा में पिछले आठ दिनों से मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह ठप है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित ...और पढ़ें

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।
HighLights
गौनाहा में आठ दिनों से मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह ठप।
ऑनलाइन पढ़ाई, व्यापार, बैंकिंग सेवाएं बुरी तरह प्रभावित।
ग्रामीणों ने नेटवर्क बहाली की मांग की, आंदोलन की चेतावनी।
संवाद सूत्र, गौनाहा (पश्चिम चंपारण) । पश्चिम चंपारण के गौनाहा में पिछले आठ दिनों से मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह ठप पड़ा है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। डिजिटल युग में जहां हर काम फोन और इंटरनेट पर निर्भर है, वहीं इस इलाके के लोग मानो तकनीक से कटकर रह गए हैं।
न छात्रों की ऑनलाइन पढ़ाई हो पा रही है, न ही व्यापार और बैंकिंग से जुड़े जरूरी काम आगे बढ़ पा रहे हैं। स्थिति ऐसी बन गई है कि एक साधारण कॉल करना भी लोगों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है, और हर गुजरता दिन परेशानी को और गहरा कर रहा है।
बता दें कि गौनाहा प्रखंड क्षेत्र में पिछले आठ दिनों से मोबाइल नेटवर्क ठप है। कभी- कभी नेटवर्क पूरी तरह गायब हो जाता है तो कभी काल लगने के बावजूद आवाज साफ नहीं आती। इंटरनेट सेवा भी बेहद धीमी रहने से छात्र, व्यापारी, किसान और आम उपभोक्ता सभी प्रभावित हो रहे हैं।
सबसे अधिक असर आनलाइन पढ़ाई करने वाले छात्रों पर पड़ रहा है। छात्र आदित्य नंदी ने बताया कि स्कूल व प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र मोबाइल इंटरनेट के सहारे पढ़ाई करते हैं, लेकिन कमजोर नेटवर्क के कारण ऑनलाइन क्लास और पढ़ाई सामग्री डाउनलोड नहीं हो पा रही है। इससे पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
मोबाइल नेटवर्क की समस्या से बैंकिंग और सरकारी योजनाओं का कार्य भी बाधित हो रहा है। सीएसपी संचालकों ने बताया कि नेटवर्क और सर्वर की समस्या के कारण आधार आधारित भुगतान, पैसा निकासी और अन्य ऑनलाइन सेवाएं समय पर नहीं हो पा रही हैं, जिससे ग्राहकों को घंटों इंतजार करना पड़ता है।
वहीं किसान भी फसल बीमा, ऑनलाइन आवेदन और मौसम से जुड़ी जानकारी समय पर प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं। ग्रामीण अशीम पाल ने बताया कि डिजिटल भुगतान के दौर में नेटवर्क खराब रहने से यूपीआई और ऑनलाइन लेनदेन प्रभावित हो रहा है, जिससे व्यापार पर असर पड़ रहा है।
कई बार ग्राहक बिना खरीदारी किए ही लौट जाते हैं।विकास सोनी ने कहा कि शाम होते-होते नेटवर्क पूरी तरह ठप हो जाता है। ऐसी स्थिति में आपातकालीन सूचना भी नहीं मिल पाती।
ग्रामीणों ने संबंधित मोबाइल कंपनियों और प्रशासन से जल्द नेटवर्क व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि शिकायत के बावजूद सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
