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मदनपुर पनियहवा सड़क की मरम्मत का रास्ता साफ, राज्य वन्यप्राणी परिषद से मिली मंजूरी

By Vinod Rao Edited By: Ajit kumar
Published: Sat, 19 Sep 2026 04:27 PM (IST)

Bihar Wildlife Board Approval: पश्चिम चंपारण के मदनपुर-पनियहवा मार्ग की मरम्मत का रास्ता साफ हो गया है, जिसे राज्य वन्यप्राणी ...और पढ़ें

वन क्षेत्र से गुजरने वाली इस जर्जर सड़क पर आवश्यक मरम्मत कार्य शुरू हो जाएगा।

वन क्षेत्र से गुजरने वाली इस जर्जर सड़क पर आवश्यक मरम्मत कार्य शुरू हो जाएगा।

HighLights

  1. मदनपुर-पनियहवा सड़क मरम्मत को राज्य वन्यप्राणी परिषद से मंजूरी मिली।

  2. वाल्मीकि टाइगर रिजर्व क्षेत्र में जर्जर सड़क का होगा रखरखाव।

  3. राष्ट्रीय वन्यप्राणी परिषद की स्थायी समिति की अंतिम स्वीकृति प्रतीक्षित।

जागरण संवाददाता, बगहा (पश्चिम चंपारण)। Madanpur Paniyahva Road Repair: पश्चिम चंपारण जिले के मदनपुर-पनियहवा मार्ग के छह किलोमीटर लंबे हिस्से के रखरखाव और मरम्मत कार्य का रास्ता अब साफ हो गया है।

राज्य वन्यप्राणी परिषद की ओर से प्रस्ताव को हरी झंडी मिल चुकी है। इसके बाद इसे अंतिम अनुमोदन के लिए राष्ट्रीय वन्यप्राणी परिषद की स्थायी समिति को भेजा गया है।

अंतिम स्वीकृति का इंतजार

राष्ट्रीय वन्यप्राणी परिषद की स्थायी समिति से अंतिम स्वीकृति मिलते ही वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) वन क्षेत्र से गुजरने वाली इस जर्जर सड़क पर आवश्यक मरम्मत कार्य शुरू हो जाएगा। स्थानीय सांसद सुनील कुमार ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इस संबंध में विस्तृत जानकारी साझा की है।

पत्र से मिली जानकारी

सांसद ने बताया कि बिहार सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के उप सचिव राजीव कुमार की ओर से पत्र भेजकर यह सूचना दी गई है। पत्र के अनुसार, बगहा-छितौनी रेल लाइन निर्माण के दौरान तत्कालीन एसएच-64 के 104.2 किलोमीटर से 109.8 किलोमीटर तक वीटीआर क्षेत्र में अस्थायी मार्ग का विस्तार किया गया था।

एनएच 28बी के रूप में अधिसूचित

रेल परियोजना पूर्ण होने के बाद इस मार्ग को बंद किया जाना था। हालांकि, बाद में वन क्षेत्र से गुजरने वाले इसी मार्ग को राष्ट्रीय उच्च पथ संख्या 28बी के रूप में अधिसूचित कर दिया गया। वर्तमान में वैकल्पिक मार्ग का रेखांकन और निर्माण कार्य अभी पूरा नहीं हो सका है।

गैर-डामरीकरण मरम्मत का प्रस्ताव

वैकल्पिक रास्ता न होने के कारण राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, मोतिहारी के कार्यपालक अभियंता ने अल्पकालिक रखरखाव अनुबंध के तहत गैर-डामरीकरण मरम्मत कराने का प्रस्ताव तैयार किया था। चूंकि यह सड़क वीटीआर के संवेदनशील वन क्षेत्र से गुजरती है, इसलिए वन्यप्राणी स्वीकृति अनिवार्य थी।

स्थायी समिति को अनुशंसित

विभाग के अनुसार, यह प्रस्ताव पर्यावरण पोर्टल पर दर्ज किया जा चुका है। राज्य वन्यप्राणी परिषद से मंजूरी मिलने के बाद इसे विशेष शर्तों के साथ राष्ट्रीय स्तर पर अनुशंसित किया गया है। स्थायी समिति से अनुमति मिलते ही इस मार्ग पर अस्थायी आवागमन और रखरखाव कार्य प्रारंभ हो जाएगा।

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