भारत से नेपाल में एंट्री की बदली प्रक्रिया, बॉर्डर पर पहुंचने से पहले जरूर कर लें सभी तैयारी
India Nepal Border: भारत-नेपाल सीमा पर स्थित वाल्मीकिनगर बॉर्डर पर सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने यात्रियों के लिए एक नई ...और पढ़ें

बॉर्डर से आने जाने वाले लोगों की डाटा एंट्री करते एसएसबी जवान। फोटो: जागरण

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जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
संवाद सूत्र, वाल्मीकिनगर (पश्चिम चंपारण)। India Nepal Valmikinagar Border Entry :भारत-नेपाल सीमा पर स्थित वाल्मीकिनगर बॉर्डर से नेपाल जाने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खबर है।
सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने सीमा की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ व आधुनिक बनाने के लिए एक नई डिजिटल व्यवस्था लागू कर दी है।
इसके तहत गंडक बराज स्थित सीमा जांच चौकी (बॉर्डर चेकपोस्ट) से आने-जाने वाले हर एक यात्री की जानकारी अब पूरी तरह कंप्यूटर आधारित प्रणाली में दर्ज की जाएगी।
इस नई तकनीक के लागू होने से सीमा पार होने वाली हर गतिविधि पर पहले की तुलना में ज्यादा सटीक और प्रभावी निगरानी रखी जा सकेगी।
पहचान पत्र और फोटो स्कैनिंग के बाद ही अनुमति
अब तक वाल्मीकिनगर बॉर्डर से गुजरने वाले आम लोगों और पर्यटकों का विवरण सुरक्षाकर्मियों द्वारा मैनुअल रजिस्टर में हाथ से दर्ज किया जाता था। इस पुरानी व्यवस्था को बंद कर दिया गया है।
नई डिजिटल प्रणाली के तहत अब सीमा पार करने वाले हर व्यक्ति के मूल पहचान पत्र के आधार पर कंप्यूटर में उनका डेटा सीधे अपलोड किया जा रहा है। इसके साथ ही मौके पर ही संबंधित व्यक्ति की लाइव फोटो भी स्कैन कर डिजिटल रिकॉर्ड का हिस्सा बनाई जा रही है।
इस हाईटेक कदम से किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत नजर रखने और जरूरत पड़ने पर किसी भी व्यक्ति की पहचान को पल भर में सत्यापित करने में मदद मिलेगी।
यात्रियों के लिए जरूरी निर्देश
गंडक बराज बीओपी के इंस्पेक्टर लोकेश बनिया ने बताया कि सीमा से आने-जाने वाले लोगों की एंट्री पहले भी होती थी, लेकिन अब इसे पूरी तरह डिजिटल कर दिया गया है।
उन्होंने साफ किया कि वाल्मीकिनगर बॉर्डर से आवाजाही करने वाले प्रत्येक भारतीय नागरिक को अपने साथ मूल पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड) रखना अनिवार्य होगा। इसके भौतिक सत्यापन और डिजिटल डेटा एंट्री के बाद ही सीमा पार जाने की अनुमति दी जाएगी।
सामानों की भी स्कैनर से सघन जांच
एसएसबी ने न सिर्फ यात्रियों के डेटा को डिजिटल किया है, बल्कि सीमा पर सुरक्षा जांच के घेरे को भी पहले से कहीं ज्यादा कड़ा कर दिया है। अब सीमा पार ले जाए जा रहे यात्रियों के बैग और सामानों की जांच भी आधुनिक स्कैनर मशीनों के जरिए की जा रही है।
सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि इस सख्त डिजिटल व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य सीमा के रास्ते होने वाली किसी भी प्रकार की तस्करी, आपत्तिजनक वस्तुओं, अवैध सामानों की खेप या असामाजिक तत्वों की आवाजाही पर पूरी तरह से रोक लगाना है।
इस नई प्रणाली से भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को एक नया और अभेद्य सुरक्षा कवच मिलने की उम्मीद है।
