बेतिया। लाखों रुपए की लागत से प्रखंड मुख्यालय स्थित पानी टंकी बने करीब छह वर्ष हो गए। परंतु आज तक चालू नहीं हुआ। इससे आजिज आकर आक्रोशित ग्रामीणों ने शुक्रवार को प्रखंड मुख्यालय में विरोध प्रदर्शन किया। आक्रोशित सत्यनारायण यादव, रामू कुमार सोनी, किसुन साह, अभिमन्यु कुमार, लालबाबू पटेल, विक्की कुमार, बंका साह, राजू पटेल, केदार राम ने बताया कि लाखों की लागत से जलमीनार के निर्माण के बाद भी यहां के लोगों को स्वच्छ पानी नसीब नहीं हो पा रहा है। छह वर्ष पूर्व संवेदक ने जैसे-तैसे पानी की टंकी का निर्माण कराया। पानी चढ़ाने के लिए मोटर भवन बनाया गया। जिसे लाइन से जोड़ा गया। वहीं पानी सप्लाई के लिए कुछ जगह पाइप को भी बिछाया गया और कुछ जगह पाइप नहीं बिछाया गया। पानी जब भी टंकी में चढ़ाया जाता है तो टंकी से रिसाव होने लगता है। आक्रोशितों ने बताया कि हद तो यह है कि पानी टंकी में जब पानी चढ़ाने की कोशिश की जाती है तो बाजार में बिछी सप्लाई के पाइप में जगह-जगह छिद्र होने के कारण पूरा बाजार जलमग्न हो जाता है। जिसे आज तक ठीक नहीं किया गया। आज स्थिति यह है कि देखरेख के अभाव में यह पानी टंकी जर्जर होती जा रही है। जबकि रमपुरवा, मैनाटांड़, ¨सहपुर, बेलवाटोला, हजमाटोला, भेड़िहरवा आदि गांवों के लोगों को स्वच्छ पानी भी नसीब नहीं हो रहा है। जिसके कारण प्रखंड मुख्यालय से सटे गांवों के लोगों को इस भीषण गर्मी में शुद्ध पेयजल से महरूम रहना पड़ता है। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार का स्वच्छ जल का सपना साकार नहीं हो पा रहा है, जबकि ग्रामीणों ने इसे चालू करने के लिए कई बार पीएचडी विभाग के अधिकारियों के पास गुहार लगायी है, लेकिन शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने में अब तक विभाग असफल रहा। आक्रोशित लोगों ने जलमीनार को अविलंब चालू कराने की मांग की। ग्रामीण बाध्य होकर चरणबद्ध तरीके से आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।

By Jagran