बगहा । बरसात के दिनों में मच्छरों का प्रकोप अधिक बढ़ जाता है। जिसके कारण मच्छरजनित रोगों का खतरा भी अधिक रहता है। आजकल डेंगू, मलेरिया के साथ जेई का प्रकोप भी दिख रहा है। ऐसे में मच्छरों से बचाव करना जरूरी है। इससे बचाव के लिए नगर में भी कई तरह की व्यवस्था करने का दावा किया जाता है। इसके लिए नगर परिषद के तरफ से फॉगिग मशीन की खरीदारी भी की गई है। जिससे नगर में केमिकल के लगातार छिड़काव की बात कही जाती है। हालांकि इससे लोगों को कितना फायदा होता है। यह कहना मुश्किल है। नगर के लोगों की माने तो फॉगिग मशीन कम हीं चलाया जाता है। इधर कोरोना के संक्रमण का खतरा भी बना हुआ है। जिसके कारण इसके इस्तेमाल की मांग बराबर उठ रही है। कई ऐसे भी क्षेत्र हैं। जहां बरसात में जलजमाव की समस्या रहती है। ऐसे में इन क्षेत्रों के लोग इसके लिए अधिक मांग कर रहे हैं। बता दें कि अभी के मौसम में सबसे अधिक मच्छरजनित रोगों से बच्चे प्रभावित हो रहे हैं। नगर क्षेत्र में मच्छरों पर होता है लाखों खर्च नगर परिषद में पहले चार छोटे फॉगिग मशीन थे। जिन से पूरे नगर में छिड़काव करने में मुश्किलें आ रहीं थी। बाद में ये छोटे मशीन खराब होते गएं। जिसके बाद बीते वर्ष 2017 में दो बड़े मशीन की खरीद की गई। जिसकी कीमत करीब पांच लाख प्रति मशीन है। इसके लिए दो टीपर मशीन है। जिस पर इसे रखकर नगर में केमिकल का छिड़काव होता है। इसमें केमिकल, कर्मचारी, डीजल आदि पर सालाना लाखों रुपये का खर्च बैठता है। मच्छरों से बचाव पर प्रत्येक परिवारों में है सैकड़ों रुपये का खर्च नगर के निवासी करण कुमार गोंड का कहना है कि इस नाकाफी व्यवस्था के कारण कोई ऐसा परिवार नहीं है। जो मच्छरों से बचाव के लिए क्वायल, लिक्विड क्वायल के अलावा फास्ट कार्ड का इस्तेमाल नहीं करता हो। जबकि यह हानिकारक है। अगर फॉगिग मशीन का बराबर सभी मोहल्लों में इस्तेमाल होता तो, लोगों को राहत मिलती। इधर चंद्र भूषण पांडेय कहते हैं कि फॉगिग मशीन का लाभ कुछ खास क्षेत्रों में हीं दिया जाता है। सभी गली मोहल्लों में इसकी आवश्यकता है। सभी क्षेत्रों में केमिकल का छिड़काव होना चाहिए। आजकल वैसे भी मच्छर वाले रोग काफी पनप रहे हैं। बयान :

इसका इस्तेमाल नगर के सभी वार्डों में लगातार हो रहा है। किसी दिन कर्मी के छुट्टी पर रहने के कारण यह कार्य प्रभावित हुआ होगा। वैसे लगातार केमिकल के छिड़काव नगर क्षेत्र में कराने का निर्देश दिया गया है।

सावित्री देवी, सभापति

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