बेतिया। हमारे समाज और परंपरा में आभूषणों की काफी महता है। हर तबके के लोगों को आभूषणों से काफी लगाव हैं। हर खुशी के अवसर पर लोग अपनी साम‌र्थ्य के अनुसार आभूषणों की खरीदारी करते हैं। कई बार लोग आभूषण खरीदते समय मिलावट और ठगी का शिकार हो जाते हैं। ठगी और मिलावट से बचने के लिए सरकार ने आभूषणों की बिक्री पर हॉलमार्क रहना अनिवार्य कर दिया है। लेकिन जिले में आभूषणों के नाममात्र के बड़े दुकानदार ही हॉलमार्क वाले आभूषणों की बिक्री करते हैं। अभी भी बिना हॉल मार्क के आभूषण की खरीद बिक्री हो रही है। इसे लेकर खरीददारों में भी जागरूकता नहीं है। ग्रामीण इलाके से आने वाले खरीददार हॉल मार्क के बारे में पूरी तरह जानते भी नहीं। इस कारण वे बिना हॉल मार्क के ही आभूषण खरीद रहे हैं। जिससे कई बार ठगी होने की भी संभावना बनी रहती है। दुकानदारों का कहना है कि जिले में हॉल मार्क लगाने की कोई सुविधा नहीं है। जो कारीगर और दुकानदार यहां आभूषणों का निर्माण करते हैं, उन्हें हॉल मार्क लगवाने के लिए बाहर जाना पड़ता है। एक दो पीस आभूषण पर हॉलमार्क नहीं लगने से उनकी भी परेशानी बढ़ गई है।

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हॉलमार्क लगवाने की सुविधा दे सरकार

ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्ड स्मिथ फेडरेशन के पश्चिम चंपारण जिलाध्यक्ष कुमार नीतेश ने बताया कि जिले में हॉल मार्क लगाने की सुविधा नहीं है। छोटे कारीगर और दुकानदार आभूषणों का निर्माण करते हैं, तो उन्हें हॉल मार्क लगाने के लिए बाहर ले जाना पड़ता है। वहां भी कई तरह का पेच फसता है। हॉल मार्क लगाने वाले एक दो पीस आभूषण पर हॉल मार्क लगाने के लिए जल्दी तैयार नहीं होते। जिससे छोटे दुकानदारों को परेशानी होती है। नव दुर्गा ज्वेलर्स के प्रमोद कुमार ने कहा कि नियम बनाने के साथ सरकार को सुविधा भी मुहैया करानी चाहिए। पप्पू सराफ ने बताया कि इस नियम से बड़े दुकानदारों को तो कोर्ब दिक्कत नहीं है लेकिन छोटे दुकानदारों की परेशानी बढ़ गई है।

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ग्राहकों को नहीं है हॉल मार्क की जानकारी

आभूषणों की खरीदारी करने वाले कई ग्राहकों को हॉल मार्क की जानकारी नहीं है। खासकर ग्रामीण इलाके से आने वाले ग्राहक दुकानदार के विश्वास पर ही आभूषणों की खरीदारी कर रहे हैं। ग्राहक सोहन पटेल, अमरेंद्र कुमार ने बताया कि जिस दुकानदार से पुरखे आभूषणों की खरीदारी करते थे, उसी दुकान से आज भी आभूषणों की खरीदारी करते हैं। हॉलमार्क के बारे में जानकारी नहीं है। संजय सिंह, मंजी दुबे बताया कि जब भी आभूषणों की खरीदारी करते हैं, हॉल मार्ग देखते हैं। इससे ठगी कि होने की संभावना नहीं रहती है।

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Edited By: Jagran