बेतिया। जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कोरोना के चेन को तोड़ने के लिए प्रशासन की ओर से जहां मास्क जांच और शारीरिक दूरी के अनुपालन को लेकर सख्ती बढ़ाई गई है। वहीं, मेडिकल कालेज अस्पताल में मरीजों के स्वजनों की एंट्री पर रोक लगी है। एम मरीज के साथ देखभाल के लिए एक हीं स्वजन की एंट्री संभव है। इसके लिए अस्पताल प्रशासन ने सुरक्षा गार्डों को विशेष जिम्मेदारी दी है। अस्पताल अधीक्षक डा. प्रमोद कुमार तिवारी ने बताया कि अस्पताल में मरीजों के स्वजनों की भीड़ की वजह से संक्रमण का खतरा बढ़ने की संभावना है। इस वजह से यह पाबंदी लगाई गई है। मेडिकल कालेज में कार्यरत 54 चिकित्सक व चिकित्सा कर्मी संक्रमित हो चुके हैं। उधर, तीसरी लहर से सुरक्षा के लिए ट्रेसिग व टेस्टिग बढ़ाई गई है। प्रतिदिन 6000 के आसपास लोगों की कोरोना जांच हो रही है। बीते 28 दिसंबर 21 को ली गई सैंपल की आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट 31 दिसंबर को जिसमें जिसमें एसएसबी का एक जवान संक्रमित पाया गया था। उसके बाद से कोरोना संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से व्यापक तैयारी की गई है। गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में 120 बेड के आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। वहीं गंभीर रूप से संक्रमितों के इलाज के लिए 30 बेड के आईसीयू भी तैयार है। अस्पताल संक्रमण ज्यादा बढ़ा तो 400 बेड संक्रमितों के लिए सुरक्षित रखा गया है। वहीं, सिविल सर्जन डा. विरेंद्र कुमार चौधरी का कहना हैं कि ट्रेसिग व टेस्टिग का रफ्तार बढ़ा दी गई है। संक्रमितों के इलाज के लिए बेतिया, बगहा व नरकटियागंज में 100-100 बेड का डेलिकेटेड कोविड अस्पताल को तैयार है। होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों के निगरानी के लिए अल्टरनेट डे पर मेडिकल टीम उनके घर जा रही है। स्वास्थ्य की जानकारी ली जा रही है। ऑक्सीजन लेबल की जांच की जा रही है।

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