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'बाढ़ से निजात दिलाइए, बिहार आपके लिए दिवाली मनाएगा', चनपटिया विधायक का भाजपा पर तंज

By MadhusudanEdited By: Dharmendra Singh
Published: Tue, 15 Sep 2026 04:08 PM (IST)

चनपटिया विधायक अभिषेक रंजन ने बिहार में बाढ़ की तबाही के बीच भाजपा के 'आशीर्वाद का दिया' अभियान पर तंज ...और पढ़ें

मीडिया से मुखातिब चनपटिया विधायक अभिषेक रंजन व अन्य ।

मीडिया से मुखातिब चनपटिया विधायक अभिषेक रंजन व अन्य ।  

HighLights

  1. विधायक ने बाढ़ के बीच भाजपा के 'आशीर्वाद का दिया' अभियान पर तंज कसा।

  2. बाढ़ पीड़ितों को राहत और स्थायी समाधान की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया।

  3. पत्रकारों की सुरक्षा का मुद्दा विधानसभा में उठाने की बात कही।

जागरण संवाददाता, बेतिया (पश्चिम चंपारण)। बिहार के कई हिस्सों में बाढ़ से मची तबाही के बीच चनपटिया विधायक अभिषेक रंजन ने भाजपा के ‘आशीर्वाद का दिया’ अभियान पर तंज कसा है।

उन्होंने कहा कि जब गांवों में पानी है, किसानों की फसल बर्बाद हो रही है और परिवार घर छोड़ने को मजबूर हैं, तब जश्न और प्रचार से अधिक जरूरत बाढ़ पीड़ितों को राहत देने की है। उन्होंने कहा, “बिहार से बाढ़ की समस्या स्थायी रूप से दूर कर दीजिए, हम पूरे बिहार में आपके लिए दिवाली मनाएंगे।”

बाढ़ के बीच अभियान पर उठाया सवाल

मंगलवार को अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत में विधायक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर भाजपा की ओर से चलाए जा रहे ‘सेवा पखवाड़ा’ और ‘आशीर्वाद का दिया’ अभियान पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार को पहले बाढ़ प्रभावित परिवारों की चिंता करनी चाहिए।

अमित शाह के वादे का भी किया जिक्र

अभिषेक रंजन ने कहा कि बिहार में लंबे समय से भाजपा-एनडीए की सरकार है, फिर भी राज्य को बाढ़ की स्थायी समस्या से निजात क्यों नहीं मिली।

उन्होंने चुनाव के दौरान अमित शाह की ओर से बिहार को बाढ़ से निजात दिलाने के वादे का उल्लेख करते हुए पूछा कि आज जब कई जिले बाढ़ की चपेट में हैं तो उस वादे का क्या हुआ।

योगापट्टी, बैरिया और नौतन में हालात का हवाला

विधायक ने पश्चिम चंपारण के योगापट्टी, बैरिया और नौतन समेत कई क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति गंभीर होने की बात कही। उन्होंने कहा कि कई गांवों के लोग घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जा रहे हैं। किसान अपनी आंखों के सामने फसल बर्बाद होते देख रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि संकट की इस घड़ी में भाजपा के कितने सांसद, विधायक और नेता बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे।

स्थायी समाधान की जरूरत

उन्होंने कहा कि केवल राहत की घोषणा से बाढ़ की समस्या का समाधान नहीं होगा। तटबंधों की मजबूती, नदियों का वैज्ञानिक प्रबंधन, जलनिकासी और प्रभावित परिवारों के स्थायी पुनर्वास की ठोस नीति बनानी होगी। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और किसानों को फसल क्षति मुआवजा मिलने में देरी का मुद्दा भी उन्होंने उठाया।

पत्रकारों पर हमला हुआ तो सड़क से सदन तक आवाज

विधायक ने पत्रकारों के साथ मारपीट, अभद्रता और धमकी की घटनाओं को लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला बताया। सहरसा सदर अस्पताल में पत्रकार अभिषेक के साथ डॉक्टरों द्वारा कथित मारपीट और गाली-गलौज की घटना पर उन्होंने कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि पत्रकार सवाल पूछता है, इसलिए वह किसी का दुश्मन नहीं हो जाता। सवाल पसंद नहीं है तो जवाब दिया जाना चाहिए, पत्रकार की पिटाई नहीं।

विधानसभा में उठेगा पत्रकार सुरक्षा का मुद्दा

उन्होंने कहा कि जीएमसीएच में भी पत्रकारों के साथ बदसलूकी, मोबाइल छीनने और मारपीट की शिकायतें सामने आती रही हैं। केवल प्राथमिकी दर्ज करना पर्याप्त नहीं है, दोषियों पर निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पत्रकारों पर हमला हुआ तो कांग्रेस सड़क से सदन तक आवाज उठाएगी।

आगामी विधानसभा सत्र में पत्रकारों की सुरक्षा और स्वतंत्र पत्रकारिता का मुद्दा मजबूती से उठाया जाएगा। मौके पर गोलू शुक्ला, चनपटिया प्रखंड अध्यक्ष रमेश मिश्रा, कांग्रेस नेता विजय ठाकुर, भरत शर्मा और संदीप बारी आदि मौजूद रहे।