बेतिया। नरकटियागंज प्रखंड क्षेत्र के सिसई गांव में गुरुवार को 122.97 करोड़ की लागत से बनी प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क की जांच केन्द्रीय टीम ने किया। नेशनल क्वालिटी मॉनीटर दिल्ली भूपेंद्र सिंह कायरा के साथ पहुंची टीम ने सिसई गांव में सड़क की सघन व सूक्ष्मता से जांच की। एनक्यूएम भूपेंद्र सिंह कायरा ने बताया कि सड़क निर्माण के दौरान प्राक्कलन के अनुसार सामग्रियों का उपयोग किया गया है या नहीं। इसकी जांच टीम कर रही है। जांच से संबंधित रिपोर्ट राज्य व केन्द्र सरकार के साथ साथ विभाग के पटना व दिल्ली मुख्यालय को सौंपी जाएगी। निर्माण में गड़बड़ी हुई है या नहीं के सवाल पर बताया कि सड़क निर्माण में जिन सामग्रियों का उपयोग किया गया है, उनका नमूना ले लिया गया है। सामग्रियों की भी जांच पड़ताल की गई है। जांच के दौरान सड़क के अंदर सफेद पत्थर, जीएसबी की जगह मिट्टी और चिप्स के अलग अलग नमूनों के अलावा पीचिग की भी जांच अधिकारियों ने की। हालांकि गड़बड़ी के सवाल पर अधिकारी कुछ भी बताने से इंकार करते रहे। मगर वहां उपस्थित आरडब्ल्यूडी के अधिकारियों के छूटते पसीने बहुत कुछ बयां कर रहे थे। बता दें कि सिसई में एलओ 22 से सिसई गांव तक कुल 1.950 किलोमीटर पक्की सड़क का निर्माण प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत संवेदक रामाकांत मिश्र द्वारा कराया गया है। सड़क के घटिया निर्माण को ले ग्रामीणों ने इसकी शिकायत भारत सरकार के पथ निर्माण विभाग और राज्य सरकार से की थी। सड़क की गुणवत्ता को लेकर लोगों में गुस्सा शिकायत के रूप में बदली। शिकायत के आलोक में केन्दीय टीम ने सड़क निर्माण की जांच की है। फिर नमूना के साथ जांच टीम रवाना हो गई। मौके पर आरडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता भगवान प्रसाद, कनीय अभियंता जयप्रकाश राम, विपीन कुमार आदि मौजूद रहे।

Posted By: Jagran

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