बगहा । नेपाल सरकार के निर्णय के बाद भी इन्डो-नेपाल बॉर्डर वाल्मीकिनगर नहीं खुलने से सीमावर्ती लोगो में मायूसी छाई हुई है। पूछने पर पता चला कि दोनों बॉर्डर पर सीमा खुलने संबंधी आदेश अभी तक नहीं आया है। नेपाली कैबिनेट बैठक में भारत नेपाल सीमा को खोलने के फैसले के कारण अधिक संख्या में भारतीय पर्यटक नेपाल जाने के लिए वाल्मीकिनगर सीमा पर पहुंच रहे हैं। इसी तरह नेपाल की तरफ से यात्री नेपाली सरहद पर पहुंच रहे है। लेकिन अभी तक मंत्रिमंडल का लिखित आदेश न आने के कारण निजी और पर्यटक वाहन नेपाल नहीं जा पा रहे हैं। न ही नेपाली वाहन भारतीय सीमा में आ रहे हैं। बताते चलें कि नेपाल सरकार ने लगभग डेढ़ साल से बंद चल रही भारत सीमा को खोलने का निर्णय लिया है। हालांकि, नेपाल सरकार ने सीमा खोलने की तिथि तय नहीं की है, लेकिन माना जा रहा है कि इसी माह सामान्य आवागमन शुरू हो सकता है। बहरहाल कैबिनेट के फैसले से दोनों देशों के सीमावर्ती इलाकों के लोग उत्साहित हैं और बेसब्री से सीमा खुलने का इंतजार कर रहे हैं। भारत और नेपाल के सीमावर्ती गांवों के लोगों को रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने के लिए एक देश से दूसरे देश में आना-जाना पडता है। सीमा खुलने से उनके लिए आसानी हो जाएगी। कोरोना संक्रमण को देखते हुए नेपाल सरकार ने 22 मार्च, 2020 से भारत सीमा से आवागमन पर पाबंदी लगा रखी है। त्रिवेणी भंसार कार्यालय के अधिकारियों का कहना है कि सीमा खोलने का आदेश आने पर उसके अनुसार कार्यवाही की जाएगी। कैबिनेट की बैठक में सीमा खुलने का निर्णय ले लिया गया है लेकिन अभी तक कोई आदेश नहीं आया हैं। सीमा क्षेत्र के अधिकांश लोग रोजगार के लिए पूर्णतया नेपाल पर ही आश्रित है। नेपाल का सीमावर्ती बाजार पूर्णत: भारतीय ग्राहकों पर निर्भर है चाहे वह रेडिमेड, इलेक्ट्रानिक या फिर अस्पताल व्यवसाय हो सभी की स्थिति सीमा बंद रहने के कारण चरमरा गई है लेकिन इसमें अब स्थिति में सुधार की उम्मीद है।

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