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बगहा में जिस बेटी के लौटने का था इंतजार, उसकी मौत के मामले में महिला दोषी करार

Published: Thu, 29 Oct 2026 05:53 PM (IST)

बगहा में 12 वर्षीय दुर्गा कुमारी की हत्या के मामले में न्यायालय ने ज्ञांती देवी को दोषी करार दिया है। ...और पढ़ें

कोर्ट का फैसला आने के बाद पुलिस की गिरफ्त में महिला।

कोर्ट का फैसला आने के बाद पुलिस की गिरफ्त में महिला।

HighLights

  1. बगहा में 12 वर्षीय दुर्गा कुमारी की हत्या का मामला।

  2. ज्ञांती देवी को अदालत ने दोषी करार दिया है।

  3. सजा के बिंदु पर 2 नवंबर को होगी सुनवाई।

संवाद सूत्र, बगहा (पश्चिम चंपारण)। जिस बेटी को वापस लाने के लिए एक पिता कई दिनों तक गुहार लगाता रहा, उसकी मौत की खबर ने पूरे परिवार को झकझोर दिया था।

करीब 12 वर्षीय दुर्गा कुमारी की मौत के मामले में न्यायालय ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-चतुर्थ मानवेंद्र मिश्र की अदालत ने महिला अभियुक्त ज्ञांती देवी को दोषी करार दिया है। सजा के बिंदु पर दो नवंबर को सुनवाई होगी।

मामला गोबरहिया थाना कांड संख्या 16/2025 से संबंधित सत्रवाद संख्या 179/2026 का है। मृतका के पिता शंकर मांझी ने पुलिस को दिए आवेदन में आरोप लगाया था कि उनकी नाबालिग बेटी आदम कुमारी उर्फ दुर्गा कुमारी को शादी की नीयत से बहला-फुसलाकर अपहरण किया गया था।

बेटी को वापस लाने के लिए उन्होंने कई बार आरोपित पक्ष से गुहार लगाई, लेकिन सफलता नहीं मिली। सूचक के मुताबिक, चार नवंबर 2025 की रात गांव के चौकीदार ने घर पहुंचकर बेटी की मौत की सूचना दी। इसके बाद वह अपनी पत्नी राजकली देवी के साथ भुअरहवा टोला पूर्वी ढोकनी पहुंचे।

वहां संबंधित घर में उनकी बेटी का शव जमीन पर पड़ा मिला। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई की और शव को पोस्टमार्टम के लिए बगहा अस्पताल भेजा। पोस्टमार्टम के बाद शव स्वजन को सौंप दिया गया।

सात नवंबर 2025 को शंकर मांझी ने लिखित आवेदन देकर बेटी की हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया था। इसके बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच की।

सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने सात गवाहों और विभिन्न दस्तावेजी साक्ष्यों को प्रस्तुत किया। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ज्ञांती देवी को भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में दोषी करार दिया।

बेटी को वापस मांगने पर मिली थी धमकी

सूचक शंकर मांझी के अनुसार, भुअरहवा टोला पूर्वी ढोकनी निवासी अनिल कुमार उर्फ ओरल उनकी बेटी को पहले बहला-फुसलाकर ले गया था।

बेटी को वापस लाने के लिए जब वह स्वामीनाथ मांझी के घर पहुंचे तो आरोप लगाया कि बेटी को वापस करने से इन्कार कर दिया गया। सूचक ने गाली-गलौज करने और धमकी देने की बात भी अपने आवेदन में कही थी। उन्होंने कई दिनों तक बेटी को वापस करने की मांग की, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली।

दो नवंबर को सजा पर होगा फैसला

सहायक लोक अभियोजक जितेंद्र भारती ने बताया कि मामले में न्यायालय ने सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों पर विचार किया। अभियुक्त ज्ञांती देवी ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इन्कार करते हुए खुद को निर्दोष बताया था।

विचारण के बाद न्यायालय ने उन्हें संबंधित धाराओं में दोषी करार दिया। अब दो नवंबर को सजा के बिंदु पर सुनवाई होगी। इस दौरान न्यायालय दोष सिद्ध अभियुक्त को दी जाने वाली सजा पर विचार करेगा।

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