बिहार के सरकारी स्कूलों में पढ़ाएंगे DDC और SDM, मॉडल स्कूलों में लेंगे क्लास
Saraswati Vidya Niketan: पश्चिम चंपारण के 22 मॉडल स्कूलों में अब प्रशासनिक अधिकारी बच्चों को पढ़ाएंगे और उनका मार्गदर्शन करेंगे। ...और पढ़ें

जिलाधिकारी ने इन अधिकारियों को शैक्षणिक पर्यवेक्षण और मार्गदर्शन के लिए अलग-अलग विद्यालयों से संबद्ध किया है।
HighLights
पश्चिम चंपारण के 22 मॉडल स्कूलों में अधिकारी पढ़ाएंगे।
उप विकास आयुक्त, एसडीएम सहित 22 अधिकारी शामिल हैं।
छात्रों को करियर और उच्च शिक्षा में मार्गदर्शन देंगे।
संवाद सहयोगी, बेतिया (पश्चिम चंपारण)। West Champaran Model School: पश्चिम चंपारण के सभी 18 प्रखंडों में संचालित 22 सरस्वती विद्या निकेतन यानी मॉडल स्कूलों में अब प्रशासनिक अधिकारी बच्चों को पढ़ाएंगे और उनका मार्गदर्शन करेंगे।
स्कूलों के प्रशासनिक और शैक्षणिक स्तर को बेहतर बनाने के लिए जिला प्रशासन ने उप विकास आयुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता, जिला कल्याण एवं कृषि पदाधिकारी सहित 22 अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है।
जिलाधिकारी तरनजोत सिंह ने इन सभी अधिकारियों को शैक्षणिक पर्यवेक्षण और मार्गदर्शन के लिए अलग-अलग विद्यालयों से संबद्ध किया है।
साप्ताहिक कक्षाएं लेंगे अधिकारी
नामित अधिकारी विद्यालयों का नियमित निरीक्षण करने के साथ हर सप्ताह अपनी रुचि और योग्यता के अनुसार आवंटित स्कूल में एक-दो या अधिक कक्षाएं स्वयं लेंगे।
अधिकारियों का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को पढ़ाने के साथ करियर, उच्च शिक्षा और विभिन्न प्रतियोगी क्षेत्रों में मार्गदर्शन देना होगा।
इसके अलावा अधिकारी स्मार्ट क्लास के माध्यम से कमजोर छात्रों के लिए संचालित होने वाली रेमेडियल कक्षाओं की भी निगरानी करेंगे।
हर हफ्ते जाएगी रिपोर्ट
वे विद्यालयों में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं, शिक्षकों की समय पर उपस्थिति और शिक्षा की गुणवत्ता की समीक्षा कर आवश्यक सुधार के लिए पहल करेंगे।
प्रशासन ने अधिकारियों को अपनी कक्षाओं और स्कूल निरीक्षण की विस्तृत रिपोर्ट प्रत्येक सप्ताह जिला शिक्षा पदाधिकारी को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
डीईओ स्तर पर सभी रिपोर्ट का संकलन कर अंतिम समीक्षा और आगे की कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
हाईटेक सुविधाओं से लैस
राज्य भर में जुलाई माह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक साथ 551 सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूलों का लोकार्पण किया था। इन विद्यालयों में स्मार्ट क्लासरूम, ई-लाइब्रेरी, हाईटेक साइंस और कंप्यूटर लैब की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
इसके साथ ही फेलो ऐप के माध्यम से विद्या साथी ऑनलाइन इंटरेक्टिव लर्निंग और कक्षा 11वीं-12वीं के विद्यार्थियों के लिए जेईई व नीट की तैयारी हेतु संध्याकालीन कोचिंग की सुविधा भी दी जा रही है।
