शिक्षा विभाग ने साफ-सफाई के लिए मंजूर किए 195 करोड़, टॉयलेट से स्कूल कैंपस तक होंगे चकाचक
शिक्षा विभाग ने बिहार के सरकारी स्कूलों में स्वच्छता के लिए 195 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। यह राशि प्राथमिक ...और पढ़ें

राज्य के विद्यालयों में विद्यार्थियों को स्वच्छ और स्वास्थ्यवर्धक शैक्षणिक माहौल देने के लिए विभाग ने 195 करोड़ रुपये की भारी राशि स्वीकृत की है। फाइल फोटो
HighLights
सरकारी स्कूलों की सफाई के लिए 195 करोड़ रुपये मंजूर।
परिसर, कक्षाएं, शौचालय दैनिक रूप से साफ किए जाएंगे।
निजी एजेंसियों द्वारा सफाईकर्मी तैनात होंगे, निगरानी होगी।
संवाद सहयोगी, बगहा (पश्चिम चंपारण)। Bihar School Cleanliness Fund: बिहार के सरकारी स्कूलों में अब स्वच्छता केवल नारों और दीवारों पर लिखे संदेशों तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि धरातल पर वास्तविक रूप में नजर आएगी।
शिक्षा विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान प्राथमिक से लेकर उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों तक के परिसरों, क्लासरूम और शौचालयों की दैनिक साफ-सफाई के लिए नई नीति लागू की है।
राज्य के विद्यालयों में विद्यार्थियों को स्वच्छ और स्वास्थ्यवर्धक शैक्षणिक माहौल देने के लिए विभाग ने 195 करोड़ रुपये की भारी राशि स्वीकृत की है।
करोड़ों का बजट मंजूर
विभाग की ओर से जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों के लिए 95 करोड़ रुपये तथा माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के लिए 100 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
इस विशेष बजट से चयनित निजी आउटसोर्सिंग एवं हाउसकीपिंग एजेंसियों के माध्यम से सफाई कर्मियों की तैनाती की जाएगी। विद्यालयों में साफ-सफाई का कार्य टॉयलेट शीट की संख्या के आधार पर तय निर्धारित दर के तहत कराया जाएगा।
परिसर की दैनिक सफाई
नई व्यवस्था के तहत अब केवल शौचालयों तक ही सफाई सीमित नहीं रहेगी बल्कि प्रतिदिन पूरे स्कूल कैंपस का कायाकल्प किया जाएगा। सफाई कर्मियों को हर दिन कक्षाओं में झाड़ू-पोछा लगाने, बेंच-डेस्क, टेबल-कुर्सी व ब्लैकबोर्ड पोंछने, खेल मैदान से कचरा हटाने और नालियों की सफाई करने का दायित्व दिया गया है।
इसके अलावा बालक और बालिका शौचालयों की दिन में निर्धारित समय पर फिनाइल, हार्पिक, ब्रश और ब्लीचिंग पाउडर से नियमित धुलाई व कीटाणुशोधन अनिवार्य होगा।
सत्यापन और भुगतान नियम
सफाई व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए विद्यालय के प्रधानाध्यापक या प्रभारी प्रधानाध्यापक प्रतिदिन उपस्थिति विवरण और समय-सारणी संबंधी पंजिका में हस्ताक्षर दर्ज करेंगे।
बगहा के बीईओ पूरण कुमार शर्मा ने बताया कि संबंधित बीईओ द्वारा सत्यापन के बाद ही राशि का विवरण जिला कार्यक्रम पदाधिकारी को उपलब्ध कराया जाएगा।
अधिकारियों द्वारा औचक निरीक्षण कर व्यवस्था की निगरानी की जाएगी और वास्तविक कार्य के आधार पर ही एजेंसियों को भुगतान मिलेगा।
