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थाईलैंड में नौकरी का झांसा देकर बेतिया के युवक को म्यांमार में बनाया बंधक, फेसबुक पर देखा था विज्ञापन

Published: Thu, 22 Oct 2026 06:58 PM (IST)

Job Fraud Facebook Ad: बेतिया के एक युवक को थाईलैंड में नौकरी का झांसा देकर म्यांमार ले जाया गया, जहां ...और पढ़ें

बेटे के बंधक बनने की खबर मिलने के बाद से परिजनों में कोहराम मचा है।

बेटे के बंधक बनने की खबर मिलने के बाद से परिजनों में कोहराम मचा है।

जागरण संवाददाता, बेतिया (पश्चिमी चंपारण)। Bettiah Youth Trapped Myanmar: विदेश में सुनहरे भविष्य और अच्छी नौकरी का सपना देखकर घर से निकले बेतिया के एक युवक के साथ साइबर ठगों द्वारा गंभीर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है।

नगर के उज्जैन टोला निवासी इंटर पास युवक को थाईलैंड में नौकरी का झांसा देकर म्यांमार ले जाया गया, जहां उसे बंधक बनाकर जबरन साइबर क्राइम (ऑनलाइन ठगी) के धंधे में धकेल दिया गया है।

बेटे के बंधक बनने की खबर मिलने के बाद से परिजनों में कोहराम मचा है और वे उसकी सुरक्षित रिहाई के लिए गुहार लगा रहे हैं।

फेसबुक पर देखा था नौकरी का विज्ञापन

प्रसारित वीडियो के माध्यम से पीड़ित युवक मो. आबिद के पिता मो. शहाबुद्दीन ने पूरी दर्दभरी दास्तान बयां की है। उन्होंने बताया कि इंटर पास करने के बाद आबिद ने कंप्यूटर का प्रशिक्षण लिया था।

इसके बाद उसने फेसबुक पर थाईलैंड में नौकरी से जुड़ा एक विज्ञापन देखा। दिए गए नंबरों पर संपर्क करने पर उसे 'टेक एशिया' नामक कंपनी में नौकरी का प्रस्ताव मिला और दिल्ली में इंटरव्यू के लिए बुलाया गया।

इंटरव्यू में चयन के बाद उसे वीजा और एयर टिकट मुहैया कराया गया।

नदी के रास्ते ले गए म्यांमार

पिता के अनुसार, आबिद गत तीन तारीख को थाईलैंड के लिए रवाना हुआ और अगले दिन वहां पहुंच गया। शुरुआती चार-पांच दिनों तक उसे थाईलैंड के एक होटल में ठहराया गया।

इसके बाद रात के अंधेरे में दो लोग गाड़ी लेकर पहुंचे और खुद को कंपनी का कर्मचारी बताकर उसे साथ ले गए। करीब पांच घंटे का सफर तय कराने के बाद उसे नदी के रास्ते म्यांमार सीमा में दाखिल करा दिया गया।

जब आबिद ने इसका विरोध किया, तो उसे जान से मारने की धमकी दी गई। म्यांमार पहुंचते ही उसका पासपोर्ट छीन लिया गया और जबरन तीन साल के एग्रीमेंट पेपर पर हस्ताक्षर करा लिए गए।

14 घंटे तक कराया जा रहा काम

आरोप है कि आबिद को वहां साइबर फ्रॉड करने के लिए कंप्यूटर की ट्रेनिंग दी जा रही है। उससे रोजाना रात 1 बजे से दिन के 11 बजे तक (14 घंटे) कड़ा काम कराया जाता है और खाने-पीने के लिए भी बहुत सीमित समय दिया जाता है।

बेटे की इस बदहाली और सुरक्षा को लेकर परिजन बेहद डरे हुए हैं। पिता शहाबुद्दीन ने बेतिया नगर थाने में लिखित आवेदन देकर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

केंद्रीय राज्य मंत्री से लगाई गुहार

बेटे को सकुशल वापस लाने के लिए पिता मो. शहाबुद्दीन ने स्थानीय भाजपा राज्यसभा सांसद सह केंद्रीय कोयला राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे से मुलाकात कर मदद की अपील की है।

केंद्रीय मंत्री ने परिजनों को हरसंभव सहायता और विदेश मंत्रालय के माध्यम से युवक की सुरक्षित वापसी कराने का आश्वासन दिया है। फिलहाल, युवक के पिता परिजनों के साथ विदेश मंत्रालय और उच्च अधिकारियों से संपर्क करने के लिए दिल्ली गए हुए हैं।

इस मामले में आवेदन मिला है। हालांकि अभी इसमें कई बातें स्पष्ट नहीं हैं। आवेदन की जांच कराकर एफआईआर दर्ज कर आगे की कानूनी कारवाई की जाएगी।

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विनय कुमार, नगर थानाध्यक्ष, बेतिया