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12 हजार करोड़ से बदलेगी बेतिया की सूरत, पटना-यूपी को जोड़ने वाले नेशनल हाईवे का रास्ता साफ

Published: Fri, 04 Sep 2026 04:40 PM (IST)

बेतिया से पटना और यूपी के सेवरही को जोड़ने वाली दो मेगा सड़क परियोजनाओं (NH 139W और NH 727AA) के लिए भू-अर्जन कार्य में तेजी लाई जाएगी।

बेतिया की मेगा सड़क परियोजनाओं के भू-अर्जन में तेजी, पटना और यूपी से कनेक्टिविटी होगी बेहतर (AI Generated Image)

बेतिया की मेगा सड़क परियोजनाओं के भू-अर्जन में तेजी, पटना और यूपी से कनेक्टिविटी होगी बेहतर (AI Generated Image)

HighLights

  1. बेतिया-पटना (NH 139W) और बेतिया-यूपी (NH 727AA) परियोजनाओं में तेजी।

  2. जिलाधिकारी ने भू-अर्जन के लिए डेढ़ और साढ़े तीन माह की समय सीमा तय की।

  3. परियोजनाएं आवागमन और आर्थिक गतिविधियों को बेहतर बनाएंगी।

जागरण संवाददाता, बेतिया। जिला मुख्यालय बेतिया से यूपी के सेवरही एवं पटना को जोड़ने वाली दो अलग-अलग मेगा सड़क परियोजनाओं के निर्माण में बाधा बना भू-अर्जन का काम अब तेजी से होगा।

इसमें पहला एनएच 139 डब्ल्यू (NH 139W) है, जो बेतिया को जगदीशपुर के रास्ते पटना से जोड़ेगा, तो दूसरा एनएच 727 एए (NH 727AA) है, जो बेतिया के मनुआपुल से पिपराघाट होते हुए उत्तर प्रदेश के सेवरही के पास तमकुही रोड को मिलाएगा।

सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो दोनों ही सड़क परियोजनाओं का कार्य शीघ्र ही शुरू किया जाएगा। जिलाधिकारी के निर्देश पर एनएच 727 एए के लिए साढ़े तीन माह की समय सीमा निर्धारित की गई है, जबकि एनएच 139 डब्ल्यू के लिए मात्र डेढ़ माह निर्धारित है।

जिलाधिकारी तरनजोत सिंह ने बताया कि निर्धारित समय सीमा के अंदर सभी भू-अर्जन कार्य पूरे करने का निर्देश दिया गया है। जिन मौजों में किसी कारणवश किसी पक्ष द्वारा आपत्ति दर्ज कराई गई है, उसका भी निस्तारण कर दिया जाएगा।

इस कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की हिदायत दी गई है। एनएच 727 एए में कुल 160.93 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण शामिल है, जबकि एनएच 139 डब्ल्यू में कुल 111.80 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। इसमें 16 गांवों के रैयतों की भूमि शामिल है।

एनएच निर्माण शुरू करने से पहले 80 प्रतिशत भू-अर्जन जरूरी

किसी भी राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) का निर्माण शुरू करने से पहले कम से कम 80 प्रतिशत भू-अर्जन कार्य पूरा करना आवश्यक होता है। दो माह पूर्व निर्माण एजेंसी द्वारा भी यह प्रस्ताव रखा गया था।

इस बाबत पश्चिम चंपारण के सांसद डॉ. संजय जायसवाल ने भू-अर्जन कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया था। भू-अर्जन की बाधा दूर होते ही संबंधित एजेंसियों द्वारा निर्माण कार्य में तेजी लाए जाने की पूरी संभावना है।

एनएच 139 डब्ल्यू के निर्माण पर खर्च होंगे 8660 करोड़ रुपये

एनएच 139 डब्ल्यू के निर्माण पर कुल 8660.70 करोड़ रुपये खर्च होंगे। 171.29 किलोमीटर लंबी यह फोर-लेन सड़क पटना, सारण, वैशाली, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण एवं पश्चिमी चंपारण को एक साथ जोड़ेगी।

वहीं, एनएच 727 एए बेतिया के मनुआपुल से गंडक नदी के रास्ते सेवरही के तिवारी पट्टी को जोड़ने वाली 29.24 किलोमीटर लंबी सड़क होगी।

सड़क निर्माण के अलावा गंडक नदी पर बनने वाले पुल की लंबाई 11.24 किलोमीटर होगी। इसके निर्माण पर कुल 3294.16 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

बेहतर होगी आवागमन की सुविधा

इन दोनों परियोजनाओं के पूरा होने से जिले में सड़क संपर्क और आवागमन की सुविधा बेहतर हो जाएगी। इसके अलावा, क्षेत्र में यातायात व्यवस्था सुगम होने के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की संभावना है।

जिला प्रशासन का लक्ष्य निर्धारित समय सीमा के भीतर भू-अर्जन की प्रक्रिया पूरी कर सड़क निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पटरी पर लाना है।