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पश्चिम चंपारण में मर चुके लोगों ने दी गवाही, ऐसे बना अनोखा पारिवारिक प्रमाणपत्र

Published: Thu, 20 Aug 2026 04:24 PM (GMT+05:30)

बेतिया में फर्जी गवाही के आधार पर प्राप्त पारिवारिक सदस्यता प्रमाणपत्र रद्द कर दिया गया है। जांच में अनियमितताएं मिलने ...और पढ़ें

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

HighLights

  1. फर्जी गवाही से बना पारिवारिक सदस्यता प्रमाणपत्र रद किया गया।

  2. बेतिया अंचल कार्यालय की जांच में अनियमितताएं सामने आईं।

  3. मो. हारून के खिलाफ कालीबाग थाने में प्राथमिकी दर्ज।

जागरण संवाददाता, बेतिया (पश्चिम चंपारण)। पारिवारिक सदस्यता प्रमाणपत्र हासिल करने के लिए कथित तौर पर गलत तथ्यों और फर्जी गवाही का सहारा लेने का मामला सामने आया है। शिकायत के बाद बेतिया सदर अंचल कार्यालय की ओर से कराई गई जांच में प्रमाण पत्र से जुड़े दस्तावेजों और गवाहों के बयान में कई तरह की विसंगतियां सामने आई हैं।

जांच के आधार पर अंचल कार्यालय ने मो. हारून के नाम से जारी पारिवारिक सदस्यता प्रमाणपत्र को रद कर दिया है। साथ ही मामले में कालीबाग थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। मामला कालीबाग घुसुकपुर वार्ड चार का है।

सदर अंचलाधिकारी की ओर से कालीबाग थानाध्यक्ष को भेजे गए पत्र के अनुसार, मोहल्ला निवासी मो. अनवर ने प्रमाणपत्र को लेकर शिकायत की थी।

उनका आरोप था कि गलत गवाही और भ्रामक तथ्यों के आधार पर पारिवारिक सदस्यता प्रमाणपत्र तैयार कराया गया है। शिकायत के आधार पर कार्यालय स्तर से दस्तावेजों और मामले से जुड़े तथ्यों की जांच कराई गई।

जांच में सामने आई अनियमितताएं

जांच के दौरान प्रमाणपत्र तैयार कराने की प्रक्रिया में कई अनियमितताएं सामने आई। कार्यालय की ओर से उपलब्ध कराए गए अभिलेखों और तथ्यों के सत्यापन के बाद प्रमाणपत्र को सही नहीं पाया गया। इसके बाद मो. हारून के नाम से जारी पारिवारिक सदस्यता प्रमाणपत्र को रद्द कर दिया गया। मामले में कथित रूप से गलत गवाही देने वाले लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है।

कई गवाहों के नाम जांच के घेरे में

अंचल कार्यालय की रिपोर्ट में कई स्थानीय लोगों के नाम गवाह के रूप में दर्ज हैं। इनमें अनवरी, जावेद अख्तर, शकीला खातून, अहमद हुसैन, मंसूर आलम, अब्दुल रहमान, नथुनी मियां, अब्बास, मो. एकराम, मो. अजमल, मो. असगर, रजिया खातून, प्रदीप आलम और अब्दुल लैस समेत अन्य लोग शामिल हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि सूची में शामिल कुछ लोगों की मृत्यु हो चुकी है। वहीं जीवित गवाहों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की बात कही गई है।

पुलिस ने शुरू की मामले की जांच

प्रमाणपत्र से जुड़े फर्जीवाड़े को लेकर कालीबाग थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस पदाधिकारी सुधीर प्रसाद मामले की जांच कर रहे है। पुलिस अब प्रमाणपत्र से जुड़े कागजात, गवाहों की भूमिका और प्रमाणपत्र तैयार कराने की पूरी प्रक्रिया की जांच कर रही है।

अंचल कार्यालय ने पुलिस से मामले की गहन जांच कर दोषी लोगों को चिह्नित करने और उनके विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई करने को कहा है। सरकारी दस्तावेज तैयार कराने में गलत तथ्यों और कथित फर्जी गवाही के इस्तेमाल का मामला सामने आने के बाद संबंधित लोगों की भूमिका पुलिस जांच के दायरे में आ गई है।