झाड़ियों के कब्जे में बगहा-वाल्मीकिनगर मुख्य पथ, सिकुड़ी सड़क पर बढ़ा हादसे का खतरा
बगहा-वाल्मीकिनगर मुख्य पथ पर झाड़ियों के अत्यधिक फैलाव के कारण सड़क संकरी हो गई है, जिससे वाहन चालकों को आवागमन ...और पढ़ें

वाल्मीकिनगर जाने वाली सड़क के किनारे फैली झाड़ियां। जागरण
HighLights
बगहा-वाल्मीकिनगर मुख्य पथ झाड़ियों के कारण संकरा हुआ।
एक साल से सड़क किनारे सफाई नहीं हुई।
मोड़ों पर दुर्घटना और जंगली जानवरों का खतरा बढ़ा।
पंचायत सूत्र, नौरंगिया (पश्चिम चंपारण)। बगहा-वाल्मीकिनगर मुख्य पथ पर इन दिनों सड़क की चौड़ाई झाड़ियों के कब्जे से लगातार कम होती जा रही है। करीब एक वर्ष से सड़क किनारे सफाई नहीं होने के कारण वीटीआर क्षेत्र की बेंत की झाड़ियां, लतियां और जंगली वनस्पतियां सड़क तक फैल गई हैं।
इससे वाहन चालकों और राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। कई स्थानों पर सड़क किनारे साइड देने तक की पर्याप्त जगह नहीं बची है।
मोड़ पर बढ़ा दुर्घटना का खतरा
मदनपुर, हरदिया चाती, नौरंगिया, धोबहा और चमैनवा मोड़ के आसपास झाड़ियों का फैलाव अधिक है। खासकर तीखे मोड़ों पर झाड़ियों के कारण सामने से आने वाले वाहन दिखाई नहीं देते।
ऐसे में अचानक आमने-सामने वाहन आने पर दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। सड़क के किनारे फैली झाड़ियों में जंगली जानवरों के छिपे होने का खतरा भी राहगीरों को सताता है।
रात में सफर सबसे मुश्किल
ग्रामीण प्रदीप बिहारी, लालमोहन गोंड, महेश चौधरी, साबित मिश्रा, चंद्रशेखर बीन और उपेंद्र यादव ने बताया कि मुख्य पथ के दोनों ओर जंगल होने के कारण झाड़ियां और लतियां तेजी से सड़क की ओर फैल रही हैं।
कई जगह सड़क किनारे चलने या वाहनों को साइड देने के लिए जगह नहीं बची है। रात में स्थिति और गंभीर हो जाती है। झाड़ियों से जंगली जानवरों के सड़क पर आने की आशंका भी बनी रहती है।
एक साल से सफाई का इंतजार
ग्रामीणों के अनुसार, करीब एक वर्ष से मुख्य पथ के किनारे नियमित सफाई नहीं हुई है। इससे झाड़ियों का फैलाव लगातार बढ़ रहा है। लोगों ने संबंधित विभाग से सड़क किनारे उगी झाड़ियों और बेंत की तत्काल कटाई कराने की मांग की है।
विधायक ने अधिकारियों से बात करने की कही
वाल्मीकिनगर विधायक सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा ने कहा कि बगहा-वाल्मीकिनगर मुख्य सड़क जिला और राजधानी को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है। इसकी साफ-सफाई नहीं होना गंभीर मामला है।
इससे सड़क दुर्घटना और जंगली जानवरों के नुकसान की आशंका है। इस संबंध में संबंधित विभाग के अधिकारियों से बात की जा रही है। जल्द समाधान होने की उम्मीद है।
