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गंडक पार के चार प्रखंडों को निर्बाध बिजली के लिए करना होगा इंतजार, सितंबर में बनेगी नई 33 केवी लाइन

By Abu Sabir Edited By: Ajit kumar
Published: Sat, 22 Aug 2026 01:34 PM (IST)

Thakaraha Electricity Crisis Bihar: गंडक पार के चार प्रखंडों (ठकराहा, भितहां, मधुबनी, पिपरासी) में निर्बाध बिजली के लिए उपभोक्ताओं को 2026 तक इंतजार करना होगा।

29 अप्रैल को आए भीषण आंधी-तूफान के कारण छह टावर क्षतिग्रस्त हो गए थे। फाइल फोटो

29 अप्रैल को आए भीषण आंधी-तूफान के कारण छह टावर क्षतिग्रस्त हो गए थे। फाइल फोटो

जागरण संवाददाता, बगहा (पश्चिम चंपारण)। Bagaha Power Supply News: जिले में गंडक पार के ठकराहा, भितहां, मधुबनी और पिपरासी प्रखंडों के उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए अभी थोड़ा इंतजार करना होगा।

इन चारों प्रखंडों में चरमराई बिजली व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त करने के लिए पट्टीचक्रगोपी से कुचायकोट विद्युत शक्ति उपकेंद्र तक नई 33 केवी लाइन का निर्माण कराया जा रहा है। विद्युत विभाग ने इस नई संचरण लाइन के निर्माण कार्य को 15 सितंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

आंधी से भारी क्षति

उल्लेखनीय है कि बीते 29 अप्रैल को आए भीषण आंधी-तूफान के कारण रामनगर से ठकराहा ग्रिड को जोड़ने वाली 132 केवी मुख्य संचरण लाइन के छह बड़े टावर गंडक नदी के तटीय इलाके में ध्वस्त हो गए थे।

मुख्य लाइन के टावर गिरने से इन सभी प्रखंडों में विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई थी, जहां की कुल औसत मांग लगभग आठ मेगावाट है।

जिला प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में राहत देने के उद्देश्य से कुचायकोट शक्ति उपकेंद्र से पांच से छह मेगावाट बिजली की वैकल्पिक आपूर्ति रोटेशन के आधार पर शुरू कराई है।

स्थायी समाधान की तैयारी

जिलाधिकारी तरनजोत सिंह ने बताया कि नई 33 केवी लाइन चालू होने के बाद चारों प्रखंडों में बिजली आपूर्ति पहले से काफी बेहतर और स्थिर हो जाएगी। इसके साथ ही गंडक नदी क्षेत्र में ध्वस्त हुए 132 केवी संचरण टावरों के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया भी समानांतर रूप से चलाई जा रही है।

प्रशासन ने इन संचरण टावरों के पुनर्निर्माण कार्य को फरवरी 2027 तक पूरा करने का समय निर्धारित किया है ताकि इलाके को भविष्य में चौबीसों घंटे विश्वसनीय बिजली मिल सके।