विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

APAAR ID बनाने में लापरवाही पर बेतिया के 55 निजी स्कूलों से जवाब तलब, क्या है नई व्यवस्था?

Published: Fri, 28 Aug 2026 03:21 PM (IST)

Apaar Id Generation Bihar: शिक्षा विभाग ने बेतिया के 55 निजी विद्यालयों को अपार आईडी निर्माण में लापरवाही बरतने पर ...और पढ़ें

प्रखंड विकास पदाधिकारी सह प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने स्पष्टीकरण मांगा है। फाइल फोटो

प्रखंड विकास पदाधिकारी सह प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने स्पष्टीकरण मांगा है। फाइल फोटो

HighLights

  1. बेतिया के 55 निजी स्कूलों को अपार आईडी पर नोटिस।

  2. लापरवाही पर शिक्षा विभाग ने मांगा स्पष्टीकरण, तीन दिन का समय।

  3. अपार आईडी छात्रों के लिए 12 अंकों की विशिष्ट डिजिटल पहचान।

संवाद सहयोगी जागरण, बेतिया (पश्चिम चंपारण)। One Nation One Student Id: विद्यार्थियों की अपार आईडी (APAAR ID) निर्माण कार्य में घोर लापरवाही बरतने पर शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है।

प्रखंड विकास पदाधिकारी सह प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) ने बेतिया प्रखंड के 55 निजी विद्यालयों के संचालकों से स्पष्टीकरण मांगा है।

विभाग ने सभी संबंधित विद्यालयों को तीन दिनों के भीतर अपना आधिकारिक स्पष्टीकरण कार्यालय में जमा कराने का कड़ा निर्देश जारी किया है।

समीक्षा में खुली पोल

विभागीय समीक्षा के दौरान पाया गया कि इन चिह्नित निजी विद्यालयों में अपार आईडी निर्माण की कुल प्रगति 80 प्रतिशत से काफी कम है। कई निजी विद्यालयों में तो यह आंकड़ा 10 प्रतिशत से भी नीचे दर्ज किया गया है।

पूर्व में लगातार पत्राचार और व्हाट्सएप से निर्देश दिए जाने के बावजूद स्कूलों की तरफ से इस कार्य में अपेक्षित तेजी नहीं लाई गई।

पोर्टल पर तकनीकी बाधाएं

प्रखंड में 50 से अधिक विद्यालयों में कार्य की अत्यंत धीमी रफ्तार को देखते हुए प्रशासन ने लक्ष्य अपूर्ण रहने का कारण पूछा है। जांच में सामने आया कि यू-डायस (U-DISE) पोर्टल पर छात्रों की अधूरी प्रविष्टि और स्कूल रिकॉर्ड की विसंगतियों से निर्माण बाधित हो रहा है।

इसके साथ ही कई बच्चों के आवश्यक पहचान दस्तावेज समय पर उपलब्ध न होना भी इस विलंब की मुख्य वजह बना है।

24 घंटे का अल्टीमेटम

बीईओ ने निर्देश दिया है कि जिन विद्यार्थियों के पहचान दस्तावेज पहले से सत्यापित हैं, उनकी अपार आईडी प्राथमिकता के आधार पर 24 घंटे में बनाई जाए।

जिन विद्यार्थियों का कार्य रिकॉर्ड में त्रुटि या दस्तावेज के अभाव में अटका है, उसका भी तत्काल समाधान सुनिश्चित करने को कहा गया है।

नोटिस जारी होने के बाद से क्षेत्र के निजी स्कूल प्रबंधनों में हड़कंप का माहौल है और उन्हें लंबित मामलों की पूरी रिपोर्ट सौंपनी होगी।

क्या है अपार आईडी

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी 2020) के तहत शिक्षा मंत्रालय द्वारा शुरू की गई अपार आईडी छात्रों के लिए 12 अंकों की विशिष्ट डिजिटल पहचान है। इसे पूरे देश में 'वन नेशन, वन स्टूडेंट आईडी' के रूप में लागू किया गया है जो प्री-प्राइमरी से उच्च शिक्षा तक स्थायी रहती है। यह आईडी सीधे छात्र के एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स (एबीसी) और डिजीलॉकर से जुड़कर सभी अंकपत्र व प्रमाणपत्र सुरक्षित रखती है।

छात्रों को बड़े फायदे

इस डिजिटल आईडी से एक स्कूल या राज्य से दूसरे संस्थान में दाखिला लेते समय सत्यापन और ट्रांसफर की प्रक्रिया बेहद आसान हो जाती है। सभी शैक्षणिक रिकॉर्ड ऑनलाइन सत्यापित होने से फर्जी मार्कशीट पर रोक लगती है और उच्च शिक्षा में क्रेडिट ट्रांसफर की सुविधा मिलती है।

छात्रवृत्ति और सरकारी योजनाओं के लिए बार-बार दस्तावेज अपलोड करने के झंझट से मुक्ति मिलने के साथ दस्तावेज खोने का डर भी खत्म हो जाता है।