बगहा। मानसून आरंभ हो चुका है। बरसात में सर्पदंश की घटनाएं बढ़ेंगी। प्रत्येक साल कई लोग समय पर इलाज नहीं मिलने से जान गंवा देते हैं। हालांकि इस बार तैयारी पूरी है। अनुमंडलीय अस्पताल में मानसून आगमन से पूर्व ही एंटी स्नेक वेनम का इंतजाम कर लिया गया है। उम्मीद है कि अबकी बार सर्पदंश से किसी की जान इलाज के अभाव में नहीं जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग ने इस साल अस्पतालों को पर्याप्त मात्रा में एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन उपलब्ध करा दिया है। अनुमंडलीय अस्पताल के प्रभारी उपाधीक्षक डॉ. एके. तिवारी ने बताया कि सर्पदंश का इंजेक्शन अस्पताल में सालों भर उपलब्ध रहता है। समय से सर्पदंश के मरीज आए तो उनकी जान बचाई जा सकती है। लोग झाड़-फूंक के चक्कर में फंस जाते हैं। देर होने के कारण जान बचाने में दिक्कत होती है। लोगों को सर्पदंश के इलाज के प्रति जागरूक करना होगा।

पीएचसी बगहा एक के प्रभारी डॉ. एसएन. महतो ने बताया कि पीएचसी पतिलार, एपीएचसी भैरोगंज में एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध है। बाढ़ ग्रस्त इलाके में लोगों को कर्मी सर्पदंश के साथ ही इलाज के लिए लाने के लिए बराबर जागरूक करते रहते हैं। वहीं पीएचसी बगहा दो के प्रभारी डॉ. संदीप कुमार ने बताया कि पीएचसी हरनाटांड, शहरी पीएचसी, वाल्मीकिनगर में पर्याप्त मात्रा में इंजेक्शन उपलब्ध है। सभी केंद्रों पर इलाज करते हुए लगातार सर्प दंश पीड़ितों की जान बचाई जा रही है। बयान :

सर्पदंश के बाद सर्प को पहचानना और तुरंत इलाज के लिए नजदीक के अस्पताल जहां एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध हो ले जाना अहम है। झाड़-फूंक के बाद अस्पताल लाने में विलंब के कारण पीड़ित की मौत हो जाती है। समय से इलाज करके इनकी जान बचाई जा सकती है।

डॉ. संदीप कुमार, पीएचसी प्रभारी बगहा, दो

Edited By: Jagran