ई-शिक्षाकोष जांच में फंसे पश्चिम चंपारण के 11 शिक्षक, वेतन रोका गया
पश्चिम चंपारण में ई-शिक्षाकोष ऐप पर उपस्थिति में अनियमितता के कारण 11 शिक्षकों पर कार्रवाई हुई है। जिला शिक्षा विभाग ...और पढ़ें

प्रभारी प्रधानाध्यापक सहित 11 शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। फाइल फोटो
HighLights
11 शिक्षकों पर ई-शिक्षाकोष उपस्थिति में अनियमितता का आरोप।
अनुपस्थिति और देर से उपस्थिति पर वेतन रोका गया।
24 घंटे में स्पष्टीकरण न देने पर होगी कठोर कार्रवाई।
संवाद सहयोगी, बेतिया (पश्चिम चंपारण)। E-Shikshakosh Attendance: ई-शिक्षाकोष ऐप पर शिक्षकों की उपस्थिति में अनियमितता को लेकर जिला शिक्षा विभाग ने कार्रवाई की है।
मैनाटांड़ प्रखंड के उच्च विद्यालय लक्ष्मीपुर मरजदया में जुलाई 2026 की ई-उपस्थिति की समीक्षा के दौरान प्रभारी प्रधानाध्यापक सहित 11 शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। जिला शिक्षा पदाधिकारी राजन कुमार ने सभी संबंधित शिक्षकों को 24 घंटे के भीतर साक्ष्य के साथ जवाब देने का निर्देश दिया है।
जांच के दौरान शिक्षकों द्वारा प्रस्थान का समय दर्ज नहीं करने, निर्धारित समय के बाद उपस्थिति दर्ज करने और बिना सूचना के अनुपस्थित रहने के मामले सामने आए।
जिन तिथियों में नियमों का पालन नहीं किया गया है, उन दिनों के वेतन पर अगले आदेश तक रोक लगा दी गई है। जिला शिक्षा पदाधिकारी ने बताया कि ई-शिक्षाकोष मोबाइल एप के माध्यम से दर्ज दैनिक उपस्थिति के सत्यापन के दौरान ये अनियमितताएं सामने आईं।
डीईओ ने कहा कि ई-शिक्षाकोष ऐप को शिक्षकों के वेतन भुगतान का प्रमुख आधार बनाया गया है। ऐसे में उपस्थिति दर्ज करने में लापरवाही को गंभीर प्रशासनिक अनियमितता माना गया है। उन्होंने कहा कि इससे विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियां भी प्रभावित होती हैं।
जिन शिक्षकों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है, उनमें प्रेम प्रकाश शुक्ला, शब्देश कुमार, विकास कुमार, अभिजीत कुमार, अंजू कुमारी, भारती कुमारी, बिन्देश्वर प्रसाद, धनेश्वर दास, मनीष राजन, ओमप्रकाश प्रसाद और एक अन्य शिक्षक शामिल हैं।
इनमें प्रेम प्रकाश शुक्ला एक से 14 जुलाई तक लगातार अनुपस्थित पाए गए हैं। सभी संबंधित शिक्षकों को प्रभारी प्रधानाध्यापक के माध्यम से 24 घंटे के भीतर साक्ष्य के साथ अपना स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है।
जिला शिक्षा पदाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित अवधि में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर संबंधित शिक्षकों के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
