बिहार CM आए तो चमचमाती स्टील की थाली, चिराग आए तो चीनी-मिट्टी की प्लेट; VIP गए तो फिर पत्तल की बारी
वैशाली में बाढ़ राहत के दौरान वीआईपी दौरों पर भोजन परोसने की व्यवस्था में भिन्नता सामने आई है, जहां केंद्रीय ...और पढ़ें
HighLights
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान को चीनी-मिट्टी के प्लेट में भोजन।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के लिए चमचमाती स्टील की थाली।
सामान्य दिनों में बाढ़ प्रभावितों को पत्तल पर भोजन परोसा गया।
रवि शंकर शुक्ला, हाजीपुर। जिले में बाढ़ का कहर बरपा है। आपदा का वक्त है। लोग संकट में हैं। कहीं घरों में पानी है तो कहीं बड़ी संख्या में घर बाढ़ के पानी से घिरा हुआ है। सरकार गंभीर है। खुद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी राहत और बचाव की गहन मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
इस संकट के वक्त बाढ़ से प्रभावितों को हरसंभव राहत और सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश सीएम दे रहे हैं। सरकार की गंभीरता के बीच आपदा के समय में भी बाढ़ राहत को लेकर चलाए जा रहे अभियान के दौरान ऐसे-ऐसे दृश्य देखने को मिल रहे हैं कि खुद ब खुद सवाल खड़े हो जा रहे हैं और चर्चा का विषय बन जा रहा है।
वैशाली जिले में बीते चार दिनों के अंदर तीन तरह की प्रशासनिक व्यवस्था देखने को मिली। पहले केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान आए तो चीनी-मिट्टी के प्लेट में भोजन परोसा गया। इसके बाद सीएम सम्राट चौधरी आए तो चमचमाती स्टील की थाली में और सामान्य दिनों में पत्तल पर भोजन।
दृश्य एक, 04 सितंबर (शुक्रवार)
केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान बीते शुक्रवार को अपने संसदीय क्षेत्र में बाढ़ से उपजे हालात का जायजा लेने पहुंचे थे। राघोपुर प्रखंड क्षेत्र में वैशाली की डीएम वर्षा सिंह और एसपी शुभांक मिश्रा के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण करने के बाद चिराग गंगाब्रिज थाना के निकट पहुंचे थे।

यहां चलाए जा रहे सामुदायिक रसोई में अपने हाथों बाढ़ प्रभावितों के बीच ना सिर्फ भोजन परोसा था, बल्कि खुद बैठक भोजन किया भी था। केंद्रीय मंत्री चिराग के आने को लेकर उस दिन चीनी-मिट्टी के प्लेट में भोजन परोसा गया था। व्यवस्था देख सभी गदगद हो गए थे।
दृश्य दो, 07 सितंबर (सोमवार)
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सोमवार को सोनपुर एवं हाजीपुर में बाढ़ से उपजे हालात का जायजा लेने पहुंचे थे। प्रशासन की ओर से इस मौके पर व्यापक इंतजाम किए गए थे। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण करने के बाद चिराग गंगाब्रिज थाना के निकट पहुंचे थे।

यहां चलाए जा रहे सामुदायिक रसोई में अपने हाथों बाढ़ प्रभावितों के बीच भोजन परोसा। मुख्यमंत्री सम्राट के आने को लेकर चमचमाती स्टील की थाली में भोजन परोसा गया। वैशाली प्रशासन की ओर से यहां काफी इंतजाम किए गए थे। यहां के दृश्य ही यह बताने के लिए काफी थे कि यहां सरकार खुद पहुंची है।
दृश्य तीन, 06 सितंबर (रविवार)
बीते रविवार का दिन बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए शायद सामान्य दिन था। यह हम नहीं कह रहे, बल्कि सामुदायिक रसोई की प्रशासनिक व्यवस्था बयां कर रही है।
दैनिक जागरण की टीम ने यहां की व्यवस्था की ऑन द स्पॉट पड़ताल की थी। प्रभावितों की भारी हुजूम और संकट के बीच पेट की आग को शांत करने की आपाधापी। पहले भोजन करने की आपाधापी के बीच झड़प की स्थिति। पत्तल पर भोजन परोसा जा रहा था। कोई वीआईपी नहीं पहुंचा था।
हालांकि, सामान्य दिनों में भी इसी तरह के हालात यहां देखने को मिलते हैं। इसमें कोई बुराई नहीं है कि पत्तल पर भोजन नहीं किया जाए। भोज में लोग पत्तल पर ही अमुमन भोजन करते हैं। लोगों के बीच चर्चा का विषय ताे इस कारण बना कि वीआईपी के पहुंचने पर चमचमाती थाली और प्लेट क्यों?

वैशाली जिला प्रशासन के स्तर पर जिले में रविवार तक 29 सामुदायिक रसोई संचालित किए जाने की जानकारी डीएम के स्तर पर दी गई है। वहीं, यह भी बताया गया है कि 8700 सूखे राशन के पैकेट का वितरण बाढ़ प्रभावितों के बीच किया जा चुका है।
वहीं, सरकार के निर्देश के आलोक में नगद सहायता राशि भी उपलब्ध कराने की तैयारी है। इस बीच अभी भी जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में हालात यह है कि बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी हैं जो या तो घरों में पानी घुसने को लेकर संकट में हैं या फिर बाढ़ के पानी में घरों के घिरने से। ऐसे लोगों तक भी पहुंच बनाकर उन्हें संकट से उबारना होगा। संकट के वक्त ऐसे लोगों को सरकारी मदद का इंतजार है।
