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वैशाली डीएम वर्षा सिंह ने द‍िखाया CPR का डेमो, कहा- आप भी सीखें जिंदगी बचाने का तरीका

Published: Wed, 07 Oct 2026 07:47 PM (IST)

हाजीपुर में डीएम वर्षा सिंह ने हृदय गति रुकने की स्थिति में जीवन रक्षक कौशल विकसित करने के लिए सीपीआर जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रम की पहल की।

सीपीआर का डेमो द‍िखातीं डीएम वर्षा स‍िंह। जागरण

सीपीआर का डेमो द‍िखातीं डीएम वर्षा स‍िंह। जागरण

HighLights

  1. डीएम वर्षा सिंह ने सीपीआर जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रम की पहल की।

  2. उन्होंने स्वयं सीपीआर का प्रदर्शन कर जीवन रक्षक कौशल सिखाया।

  3. आपात स्थिति में तत्काल सहायता हेतु आम लोगों को प्रशिक्षण पर जोर।

जागरण संवाददाता, हाजीपुर। अचानक हृदय गति रुकने (कार्डियक अरेस्ट) की स्थिति में समय पर सही कदम उठाने और आम लोगों में जीवन रक्षक कौशल विकसित करने के उद्देश्य से DM वर्षा सिंह ने पहल की। 

बुधवार को बीका, दिग्घीकलां, हाजीपुर में स्वास्थ्य विभाग एवं जय प्रभा मेदांता सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, पटना के सहयोग से सीपीआर जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। 

इसमें जिलाधिकारी ने स्वयं सीपीआर का डेमो किया। जिलाधिकारी ने कहा कि सीपीआर का प्रशिक्षण केवल स्वास्थ्यकर्मियों तक सीमित नहीं रहना चाहिए।

प्रैक्‍ट‍िकल ट्रेनिंग से तत्‍काल म‍िल सकेगी सहायता 

सार्वजनिक एवं शैक्षणिक संस्थानों और समुदाय के अधिक से अधिक लोगों को इसका व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलने से आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सकती है।

उन्होंने कहा कि कार्डियक अरेस्ट में शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण होता है और आसपास मौजूद व्यक्ति की सही प्राथमिक प्रतिक्रिया जीवन बचाने में अहम भूमिका निभा सकती है।

मेडिकल पुतलों पर कराया गया अभ्यास

हां आप एक जिंदगी बचा सकते हैं संदेश के साथ आयोजित प्रशिक्षण में जय प्रभा मेदांता सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, पटना के कंसल्टेंट-इमरजेंसी एवं ट्रामा सर्जरी डाॅ. अभिषेक कुमार ने कार्डियक अरेस्ट की पहचान, तत्काल प्रतिक्रिया और सीपीआर की सही तकनीक की जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि हर मिनट महत्वपूर्ण होता है और मेडिकल टीम के पहुंचने तक प्रशिक्षित व्यक्ति द्वारा शुरू किया गया सही सीपीआर जीवनरक्षक साबित हो सकता है।

उन्होंने अधिक से अधिक लोगों को इसका व्यावहारिक प्रशिक्षण देने पर जोर दिया। मेडिकल पुतलों के माध्यम से सीपीआर की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया और प्रतिभागियों से इसका अभ्यास कराया गया।

साथ ही चोकिंग, इमरजेंसी रिस्पांस और प्राथमिक चिकित्सा की जानकारी दी गई। जिलाधिकारी ने भी डेमो कर प्रतिभागियों को आपात स्थिति में धैर्य के साथ त्वरित एवं सही प्रतिक्रिया देने के लिए प्रेरित किया।

विद्यार्थियों, शिक्षकों और आपदा मित्रों ने लिया प्रशिक्षण

कार्यक्रम में जिला प्रशासन के पदाधिकारी, विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राएं एवं शिक्षक तथा आपदा मित्र शामिल हुए। प्रतिभागियों ने सीपीआर, चोकिंग और अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में जीवनरक्षक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण लिया।

जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से भी सीपीआर और प्राथमिक चिकित्सा जैसे जीवनरक्षक कौशल सीखने तथा प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेने की अपील की।