दरवाजे पर अचानक ई रिक्शा से पहुंचीं वैशाली जिले की सबसे बड़ी हाकिम, हाथ में पैकेट देख बुजुर्ग रह गए हैरान
वैशाली में जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने 80 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों के घर जाकर उन्हें राशन सौंपा। यह ...और पढ़ें

ई रिक्शा में अनाज लेकर बुजुर्ग लाभुक के घर जातीं डीएम वर्षा सिंंह। सौ-एक्स
HighLights
डीएम वर्षा सिंह ने बुजुर्गों के घर राशन पहुंचाया।
80 वर्ष से अधिक आयु के लाभुकों को सुविधा।
जुलाई से चल रहा पायलट प्रोजेक्ट सफल।
जागरण संवाददाता, हाजीपुर। आमतौर पर जनवितरण प्रणाली (PDS) का अनाज लेने के लिए लाभुक डीलर की दुकान तक जाते हैं। लेकिन वैशाली में अब तस्वीर बदल रही है।
यहां 80 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों को राशन लेने के लिए न तो दुकान तक जाने की जरूरत है और न ही किसी के सहारे का इंतजार करना पड़ रहा है। जिला प्रशासन खुद बुजुर्गों के घर तक खाद्यान्न पहुंचा रहा है।
इस पहल को सोमवार को उस समय खास संवेदनशीलता मिली, जब जिले की सबसे बड़ी अधिकारी यानी जिलाधिकारी वर्षा सिंह खुद ई-रिक्शा पर राशन लेकर बुजुर्गों के घर पहुंच गईं।
डीएम को अपने दरवाजे पर देखकर पहले तो बुजुर्गों को विश्वास ही नहीं हुआ। जब जिलाधिकारी ने अपने हाथों से राशन का पैकेट सौंपा तो उनके चेहरे पर राहत और खुशी की मुस्कान साफ दिखाई दी।
डीएम खुद लेकर पहुंचीं राशन, बुजुर्गों से जाना हाल
जिलाधिकारी वर्षा सिंह हाजीपुर सदर प्रखंड की एक पंचायत में पहुंचीं। उन्होंने 80 वर्ष से अधिक आयु के चार बुजुर्ग लाभुकों के घर जाकर उन्हें खाद्यान्न उपलब्ध कराया।
इस दौरान उन्होंने बुजुर्गों से बातचीत कर उनका कुशलक्षेम जाना और यह भी जानकारी ली कि उन्हें जनवितरण प्रणाली के माध्यम से नियमित रूप से खाद्यान्न मिल रहा है या नहीं।
डीएम ने बुजुर्ग लाभुकों की परेशानियों को भी समझा। उन्होंने कहा कि उम्र के इस पड़ाव में राशन लेने के लिए दुकान तक पहुंचना कई लोगों के लिए मुश्किल होता है। ऐसे में घर तक खाद्यान्न पहुंचाने की व्यवस्था बड़ी राहत है।

जुलाई से चल रहा पायलट प्रोजेक्ट
जिला प्रशासन ने जुलाई से हाजीपुर सदर प्रखंड में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में 80 वर्ष से अधिक आयु के चिन्हित बुजुर्ग लाभुकों के घर तक खाद्यान्न पहुंचाने की व्यवस्था शुरू की है।
इसके तहत पात्र बुजुर्गों को जनवितरण प्रणाली के माध्यम से निर्धारित खाद्यान्न उनके घर पर ही उपलब्ध कराया जा रहा है। इस पहल से बुजुर्गों को राशन की दुकान तक जाने की परेशानी से राहत मिल रही है।
खासकर अकेले रहने वाले या चलने-फिरने में असमर्थ बुजुर्गों के लिए यह व्यवस्था काफी उपयोगी साबित हो रही है। खाद्यान्न घर तक पहुंचने से बुजुर्ग लाभुकों के साथ उनके परिजनों में भी खुशी और संतोष है।
'अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे योजनाओं का लाभ'
जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने कहा कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है।
उम्रदराज और असहाय लाभुकों को राशन लेने में किसी तरह की कठिनाई न हो, इसके लिए प्रशासन संवेदनशीलता के साथ आवश्यक व्यवस्था कर रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि पात्र लाभुकों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए अनावश्यक रूप से कहीं आने-जाने की जरूरत न पड़े।
आगे और विस्तार की तैयारी
जिला प्रशासन पायलट प्रोजेक्ट के अनुभवों की समीक्षा कर रहा है। व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के साथ ही आवश्यकता के अनुसार इसका विस्तार करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
यदि प्रयोग सफल रहा तो भविष्य में अधिक बुजुर्ग लाभुकों को इसका लाभ मिल सकता है। इस पहल की खास बात यही है कि जिस उम्र में बुजुर्गों को राशन की दुकान तक जाने में परेशानी होती है, उस उम्र में प्रशासन उनके दरवाजे तक पहुंचकर उनका हक उन्हें दे रहा है।
