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वैशाली में घर में खड़ी थी दिव्यांग की स्कूटी और पटना में कट गया चालान, विभाग की बड़ी लापरवाही

Published: Mon, 19 Jan 2026 09:17 PM (IST)

वैशाली के सहदेई बुजुर्ग में एक दिव्यांग व्यक्ति की स्कूटी घर पर खड़ी थी, लेकिन परिवहन विभाग ने उसका ई-चालान ...और पढ़ें

वैशाली में घर में खड़ी थी दिव्यांग की स्कूटी और पटना में कट गया चालान

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संवाद सूत्र, सहदेई बुजुर्ग। परिवहन विभाग की ऑनलाइन चालान प्रणाली (ई-चालान) कितनी सटीक है, इसकी पोल सहदेई बुजुर्ग के एक मामले ने खोल दी है। यहां एक दिव्यांग व्यक्ति की स्कूटी घर के दरवाजे पर खड़ी थी, लेकिन विभाग ने उसका चालान पटना के फतुहा में काट दिया।

मामला सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर गहरा रोष है। यह मामला सहदेई बुजुर्ग प्रखंड के नयागांव नयागंज निवासी दिव्यांग सुंदेश कुमार सिंह, पिता मुनेश्वर सिंह से जुड़ा है। सुंदेश कुमार सिंह शारीरिक रूप से दिव्यांग हैं और उनके पास दिव्यांगों के लिए अनुकूलित स्कूटी है।

पीड़ित का कहना है कि जिस दिन एक हजार रुपये का चालान फतूहा (पटना) में काटे जाने की सूचना मिली, उस दिन वे घर से बाहर निकले ही नहीं थे। उनकी स्कूटी घर पर ही खड़ी थी।

हैरानी की बात यह है कि उन्हें जो आनलाइन चालान भेजा गया है, उसमें स्प्लेंडर बाइक की तस्वीर लगी हुई है, जबकि उनके पास दिव्यांगों के उपयोग वाली स्कूटी है, जिसमें आगे एक और पीछे तीन चक्के लगे हुए हैं। इस घटना को पीड़ित ने इंटरनेट मीडिया पर भी साझा किया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना भौतिक सत्यापन के इस तरह चालान काटना गंभीर लापरवाही है। लोगों ने सवाल उठाया है कि जब कोई व्यक्ति शारीरिक रूप से दिव्यांग है और वाहन घर पर ही मौजूद है, तो फिर पटना में चालान कैसे कट गया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सबसे बड़ी समस्या यह है कि ऐसे गलत चालान को सुधरवाने के लिए दिव्यांग व्यक्ति कहां जाए और किससे गुहार लगाए।

पीड़ित और ग्रामीणों ने मांग की है कि इस गलत चालान को अविलंब रद किया जाए और भविष्य में दिव्यांगों से जुड़े मामलों में परिवहन विभाग अधिक संवेदनशील और सरल प्रक्रिया अपनाए।