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राघोपुर नाव हादसा: प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार पर गिरी गाज, PHC की कमान डॉ. सुशीला को

Published: Fri, 16 Oct 2026 06:13 PM (IST)

राघोपुर नाव हादसे में घायलों के इलाज में लापरवाही बरतने पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. प्रवीण ...और पढ़ें

राघोपुर पीएचसी के प्रभारी च‍िकि‍‍त्‍सा पदाध‍िकारी के पद से हटाए गए डॉ. प्रवीण कुमार। फाइल

राघोपुर पीएचसी के प्रभारी च‍िकि‍‍त्‍सा पदाध‍िकारी के पद से हटाए गए डॉ. प्रवीण कुमार। फाइल

जागरण संवाददाता, हाजीपुर।  राघोपुर के रामपुर श्यामचंद पंचायत में 13 अक्टूबर की रात हुए नाव हादसे में घायलों के इलाज में लापरवाही बरतने पर स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है।

सिविल सर्जन कार्यालय से आदेश जारी कर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र राघोपुर के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी सह निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार को पद से मुक्त कर दिया गया है।

इलाज में बरती गई लापरवाही

असैनिक शल्य चिकित्सक सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी के कार्यालय से जारी आदेश में कहा गया है कि 13 अक्टूबर को  राघोपुर में हुए नाव हादसे के क्रम में डॉ. प्रवीण कुमार प्रभारी  के द्वारा घायल रोगियों को चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराने में लापरवाही की गई।

इसके कारण अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हुई तथा स्थानीय लोगों के आक्रोश का सामना करना पड़ा तथा स्वास्थ्य विभाग की छवि धूमिल हुई।

जिलाधिकारी वर्षा सिंह के द्वारा गंभीरता से लेते हुए प्रशासनिक दृष्टिकोण से डॉ. प्रवीण कुमार को प्रभार से मुक्त किए जाने हेतु अनुशंसा की गई थी।

डीएम की अनुशंसा के आलोक में कार्रवाई 

आदेश में कहा गया है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र राघोपुर अंतर्गत चिकित्सा संस्थानों में पदस्थापित चिकित्सकों में डॉ. प्रवीण कुमार के बाद डॉ. सुशीला कुमारी चिकित्सा पदाधिकारी, एपीएचसी जुड़ावनपुर, राघोपुर वरीय हैं।

डॉ. सुशीला कुमारी को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र राघोपुर का प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के साथ निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी अगले आदेश तक के लिए घोषित किया जाता है। यह आदेश तात्कालिक प्रभाव से लागू होगा।

बता दें कि नाव हादसे में 13 की मौत हो गई थी। 7 अन्‍य की हालत गंभीर देखते हुए उन्‍हें पटना के अस्‍पताल में भर्ती कराया गया था। 

दैनिक जागरण की खबर का दिखा असर

दैनिक जागरण ने घटना के बाद से ही घायलों के इलाज में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।

शुक्रवार के अंक में 'नाव हादसे में पीड़ितों के घर में मातम, डॉक्टर के नहीं पहुंचने पर नाराजगी' हेडिंग के साथ खबर प्रमुखता से प्रकाशित किए जाने के बाद मामले को गंभीरता से लिया गया

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