बाढ़ राहत सूची सार्वजनिक करने से लेकर CO हटाने तक की मांग, राघोपुर में तीसरे दिन भी धरने पर युवा
राघोपुर (वैशाली) में बाढ़ राहत सामग्री वितरण में पारदर्शिता और सीओ दीपक कुमार को हटाने की मांग को लेकर युवाओं का अनिश्चितकालीन धरना तीसरे दिन भी जारी रहा।

राघोपुर में धरना पर बैठे युवा। जागरण
संवाद सूत्र, राघोपुर (वैशाली)। बाढ़ राहत सामग्री वितरण में पारदर्शिता, जीआर सूची सार्वजनिक करने और पुनः दीपक कुमार को सीओ बनाए जाने के विरोध में युवाओं का अनिश्चितकालीन धरना रविवार को तीसरे दिन भी जारी रहा।
सत्यम राणा राय के नेतृत्व में दर्जनों युवा प्रखंड परिसर में धरने पर डटे हुए हैं। धरने के दौरान एक युवक की तबीयत बिगड़ने पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से डॉक्टर मौके पर पहुंचे और उसका इलाज किया।
शनिवार को प्रभारी एडीएम आपदा, बिदुपुर के प्रखंड विकास पदाधिकारी, राघोपुर बीडीओ सीमा कुमारी और सीओ सहित कई पदाधिकारी युवाओं से मिलने पहुंचे थे।
पूर्व सीओ राजीव रंजन चौधरी भी धरनास्थल पर आए थे, लेकिन बात नहीं बनी। युवा जिलाधिकारी को बुलाने की मांग पर अड़े हुए हैं।
वर्तमान सीओ पर हिटलरशाही का आरोप, पूर्व सीओ की तारीफ
राघोपुर अंचल कार्यालय में पदस्थापित अधिकारियों को लेकर दियारा क्षेत्र के युवाओं में भारी आक्रोश है। सत्यम राणा राय का आरोप है कि वर्तमान सीओ दीपक कुमार की कार्यशैली हिटलरवादी और दमनकारी है।
वे पढ़े-लिखे और क्रांतिकारी युवाओं की बात भी ठीक से नहीं सुनते, तो गरीब और कम पढ़ी-लिखी दियारा की जनता की क्या सुनेंगे।
वहीं युवाओं ने पूर्व में रहे राजस्व अधिकारी से सीओ बने राजीव रंजन चौधरी की तारीफ की। युवकों ने कहा कि भले ही वे बीपीएससी से सीधे सीओ नहीं बने थे, लेकिन वे जनता में लोकप्रिय थे और एक सच्चे लोक सेवक के तौर पर जाने जाते थे।
आंदोलन कर रहे युवाओं ने अंचल के नाजिर पर भी बड़े घोटाले और भ्रष्टाचार में शामिल होने का आरोप लगाया है। उनका आरोप है कि जमीन के नाम चढ़ाने के नाम पर गरीब जनता से लाखों रुपये ठगे जा रहे हैं।
बिचौलियों का बाजार लगा हुआ है। जानबूझकर एक की जमीन दूसरे के नाम पर कर दी जाती है जिससे दियारा में लड़ाई-झगड़ा बढ़ रहा है।
रात में धरना तुड़वाने के लिए दबाव का आरोप
सत्यम राणा राय ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों को प्रलोभन दिया जा रहा है कि आप हड़ताल खत्म करवा देंगे तो लाभ दिया जाएगा।
शाम में तो सामान्य बातचीत हुई, लेकिन रात में 2-3 बार अधिकारियों द्वारा धरना-प्रदर्शन तुड़वाने के लिए दबाव बनाया गया।
युवकों का कहना है कि प्रशासन ने हड़ताल तुड़वाने के लिए हर हथकंडा अपनाया। कभी प्रशासन के द्वारा दबाव, तो कभी परिजनों के माध्यम से और कभी स्थानीय जनप्रतिनिधियों को लोभ-लालच देकर धरना खत्म कराने की कोशिश की गई। शाम-दाम-दंड-भेद जितना लगाना था लगा लिया।
युवाओं ने कहा कि उनकी लड़ाई अकेले की नहीं, पूरे राघोपुर क्षेत्र के एक-एक युवा और जनता की लड़ाई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांग नहीं सुनी गई तो वरीय अधिकारियों से लेकर मुख्यमंत्री तक शिकायत करेंगे।
उनकी मांग है कि वर्तमान सीओ दीपक कुमार और नाजिर प्रणव कुमार को तुरंत हटाया जाए, जीआर और बाढ़ राहत सूची में पारदर्शिता लाई जाए और मामले की जांच के लिए जिलाधिकारी और जरूरत पड़ने पर कमिश्नर को बुलाया जाए।
