संवाद सहयोगी, सोनपुर :

सोनपुर में सोमवार को गाजे-बाजे व वैदिक श्लोकों के बीच राधा-कृष्ण को पावन नारायणी नदी में नौका विहार कराया गया। सोनपुर के काली घाट स्थित श्रीराधा-कृष्ण ठाकुरबाड़ी से निकली भगवान की यह यात्रा ऐतिहासिक बाबा हरिहरनाथ मंदिर से होकर काली घाट पर पहुंची। यहां एक सजे-धजे बड़े नाव में विधि-विधान के साथ भगवान श्रीकृष्ण को झूले पर विराजमान करवाया गया। नाव पर एक तरफ संत महात्माओं की टोली तो दूसरी ओर भजन कीर्तन गाने वाले कलाकार व श्रद्धालुओं का जत्था सवार था। इस मौके पर राधा-कृष्ण के दर्शन एवं पूजन के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। राधे-राधे एवं जय श्रीकृष्णा के जयकारे से पूरा इलाका भक्तिमय बना हुआ था।

यह आयोजन आर्य समाज के प्रधान शर्मानंद सिंह के सौजन्य से किया गया। काली घाट से जयकारे के साथ नाव खुलते ही श्रीकृष्ण भजन आरंभ हुआ। इस बीच भक्तों ने भगवान को झूला झूलाया। नौका विहार के दौरान विभिन्न घाटों से होते हुए नाव बैजलपुर स्थित जड़भरत आश्रम के समीप पहुंची। बैजलपुर से पहुंचे श्रद्धालुओं ने यहां भगवान की पूजा-अर्चना के बाद नाव पर सवार संतों व भक्तों का स्वागत किया। नाव पर नारायण दास महाराज, महंत रामदास महाराज, श्याम दास महाराज, संत बालक दास महाराज, काली मंदिर के पुजारी बैद्यनाथ गिरि, धनंजय सिंह व लालबाबू पटेल भी सवार थे।

भरत स्थान के पास नौका विहार करते भगवान की यात्रा हाजीपुर के कोनहारा घाट स्थित बाबा बद्री विशालनाथ मंदिर पहुंचा। यहां भी भगवान की श्रद्धाभाव के साथ पूजा-अर्चना की गई। इस बीच नाव पर सवार भक्तों का भी स्वागत किया गया। तत्पश्चात गंगा दर्शन के बाद यह यात्रा काली घाट पर आकर समाप्त हो गई। राधा-कृष्ण के नौका विहार को लेकर यहां बड़ा ही मनोरम दृश्य बना हुआ था।

Edited By: Jagran