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'बिहार में जान की कीमत 4 लाख क्‍यों?', राघोपुर नाव हादसा पीड़‍ितों से म‍िलकर प्रशांत किशोर ने उठाए सवाल

Published: Tue, 20 Oct 2026 05:24 PM (IST)Updated: Tue, 20 Oct 2026 05:40 PM (IST)

राघोपुर नाव हादसे में जान गंवाने वाले 13 बच्चों के परिजनों से प्रशांत किशोर ने मुलाकात की। उन्होंने उच्चस्तरीय जांच, ...और पढ़ें

पीड़‍ित परिवारों को सांत्‍वना देने पहुंचे प्रशांत क‍िशोर।

पीड़‍ित परिवारों को सांत्‍वना देने पहुंचे प्रशांत क‍िशोर।

HighLights

  1. प्रशांत किशोर ने राघोपुर नाव हादसे के पीड़ितों से मुलाकात की।

  2. हादसे की उच्चस्तरीय जांच और 25 लाख मुआवजे की मांग।

  3. बिहार में जान की कीमत 4 लाख पर सरकार को घेरा।

जागरण संवाददाता, हाजीपुर। राघोपुर में हुए नाव हादसे में हुई 13 बच्चों की मौत से मर्माहत स्‍वजन को ढाढ़स बंधाने बांकीपुर विधायक व जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत क‍िशोर दशहरा के दिन मंगलवार को रामपुर श्‍याम चंद गांव पहुंचे।  

उन्‍होंने बच्‍चों के स्‍वजन को सांत्‍वना दी। साथ ही यह भी कहा कि इन बच्‍चों के दशकर्म में भी वे शामिल होंगे। प्रशांत क‍िशोर ने इस दौरान घटना की उच्‍चस्‍तरीय जांच की मांग की। 

उन्‍होंने कहा कि पीड़‍ित परिवारों को कम से कम 25 लाख रुपये की सहायता राश‍ि दी जाए। प्रशांत क‍िशोर ने पूर्व में ही एलान क‍िया था कि वे दशहरा पीड़‍ित परिवारों के साथ ब‍िताएंगे। 

सरकार से पूछे कई सवाल 

उन्‍होंने कहा क‍ि प्रथम दृष्‍टया नाव फ‍िट नहीं थी। लोगों के मन में इसको लेकर सवाल है। उस नाव का मालिक कौन था, यह भी नहीं पता।  

एसडीआरएफ और एनडीआरएफ का रिस्‍पांस टाइम सही नहीं था। पुलिसवालों ने अपनी ओर से बच्‍चों को निकालने का काफी प्रयास किया। 

जो बच्‍चे निकाले गए, उनमें से अधिसंख्‍य जीवित थे। लेकिन एंबुलेंस और पास के अस्‍पताल में चिक‍ित्‍सा की सुविधा नहीं होने से उनकी मौत हो गई।  

पूरे मामले की उच्‍चस्‍तरीय जांच होनी चाह‍िए ताक‍ि फिर से राज्‍य में ऐसा हादसा नहीं हो। एक मानक बनना चाह‍िए क‍ि क‍िस तरह की नाव चलाई जा सकती है। 

बिहार में जान की कीमत 4 लाख 

बंगाल में हादसे के बाद 25 लाख मुआवजा दिया गया, लेकिन बिहार में लोगों की जान की कीमत 4 लाख तय कर दी गई है। चाहे क‍िसी भी तरह से जान जाए, चार लाख दे दिया जाता है। 

सरकार को भी यहां आना चाह‍िए। जाति और पार्टी हर समय नहीं होना चाह‍िए। राघेापुर तेजस्‍वी यादव का क्षेत्र है, लेकिन हादसे के वक्‍त मैं भी यहां आया हूं।