वैशाली। गंगा के जलस्तर में वृद्धि का सिलसिला जारी है। ऐसे में राघोपुर दियारा इलाके में बाढ़ के खतरे की संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता है। बाढ़ ग्रस्त इलाके के नाम से मशहूर चारों तरफ गंगा से घिरे राघोपुर प्रखंड के बाढ़ की त्रासदी झेल चुके लोगों की धड़कन बढ़ गई है। बाढ़ की विभीषिका देख चुकी कई आंखों में आज भी खौफनाक मंजर कैद हैं, जिसने उनसे उनकी परिवार की खुशियां छीन ली थीं।

जुलाई का महीना शुरू होते ही यहां लोगों को डर सताने लगता है। पिछले कई दिनों से लगातार हो रही बारिश एवं गंगा के जलस्तर में वृद्धि को लेकर राघोपुर प्रखंड के निचले इलाके में बसे गांव के लोग चितित हैं। वर्ष 2013 और 2016 में आई बाढ़ ने कई लोगों का आशियाने छीन लिए थे। कई लोगों के पानी में डूबने से जान चली गई थी। कई मवेशी पानी में बह गए थे। लोगों को अपना घर छोड़कर ऊंचे स्थान पर लगभग डेढ़ महीने तक शरण लेनी पड़ी थी।

इधर राघोपुर प्रखंड की चकसिगार पंचायत के वार्ड संख्या 3, 7, 4, 10 में गंगा नदी से कटाव तेजी से जारी है। रामपुर करारी गांव के सामने भी कटाव तेजी से जारी है। कटाव को लेकर जदयू के जिला महासचिव मोनिका सिंह ने डीएम और राघोपुर के बीडीओ कटाव रोधी कार्य कराने की मांग की है। प्रखंड के निचले इलाके में बसी चकसिगार पंचायत के रामपुर करारी, रामपुर लंका, जुड़ावनपुर, वीरपुर, हजपुरवा, जहांगीरपुर, शिवकुमारपुर, परोहा, पुरुषोत्तमपुर, जफराबाद टोंक, सरफाबाद, हेमतपुर, गोरिहारी, वाहिदपुर, साइस्तापुर आदि गांवों के लोग चितित हैं। हालांकि संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।

राघोपुर के सीओ राणा अक्षय प्रताप सिंह ने बताया कि बाढ़ से बचाव के लिए लोगों को बाजार समिति दीदारगंज, सुंदरपुर स्कूल फतुहा के नजदीक, मोहनपुर अस्पताल, गंगा ब्रिज थाना क्षेत्र की तेरसिया पंचायत, वीरपुर पंचायत सरकार भवन, मलिकपुर पंचायत सरकार भवन, रुस्तमपुर सामुदायिक भवन, फतेहपुर प्रखंड सह अंचल कार्यालय, जुड़ावनपुर हाई स्कूल, कम्युनिटी किचन सेंटर के लिए बाजार समिति दीदारगंज, गंगा ब्रिज थाना के नजदीक, प्राथमिक विद्यालय रेपुरा को चिह्नित कर तैयारियां की जा रही है। शरण स्थल पर शौचालय और पानी रहने आदि की व्यवस्था से संबंधित तैयारियां की जा रही हैं। सरकारी नाव का राजस्व कर्मचारी के माध्यम से भौतिक सत्यापन कर लिया गया है। जर्जर एवं खराब नाव की मरम्मत की गई है। 100 लाइफ जैकेट अंचल कार्यालय में उपलब्ध हैं जबकि और लाइफ जैकेट के लिए आपदा विभाग को पत्र लिखा गया है। पॉलीथिन शीट अंचल कार्यालय में उपलब्ध करा लिया गया है। बाढ़ संबंधित तैयारियां के लिए अंचल के कर्मी दिन रात तैयारियों में लगे हुए हैं।

Posted By: Jagran