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'जब दुर्योधन साथ छोड़ता है तो अर्जुन को...', हाजीपुर में बाढ़ पीड़ितों से मिल भावुक हुए पप्पू यादव

Published: Mon, 14 Sep 2026 04:54 PM (IST)

सांसद पप्पू यादव ने बिदुपुर प्रखंड के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने सरकार, ...और पढ़ें

राघोपुर विधानसभा के विशनपुर सैदअली में सहायता राशि बांटते सांसद पप्पू यादव।

राघोपुर विधानसभा के विशनपुर सैदअली में सहायता राशि बांटते सांसद पप्पू यादव।

HighLights

  1. पप्पू यादव ने बिदुपुर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया।

  2. उन्होंने सरकार और प्रशासन की राहत व्यवस्था पर सवाल उठाए।

  3. मृतकों के परिजनों और पीड़ितों को आर्थिक सहायता प्रदान की।

संवाद सूत्र, बिदुपुर। राघोपुर विधानसभा क्षेत्र के बिदुपुर प्रखंड में बाढ़ प्रभावितों के बीच पहुंचे सांसद पप्पू यादव ने सरकार, प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की राहत व्यवस्था पर जमकर सवाल उठाए। उन्होंने नाव और ट्रैक्टर से प्रखंड के जुड़ावनपुर पंचायत के विशनपुर सैदअली दियारा सहित अन्य बाढ़ प्रभावित क्षेत्राें का दौरा किया।

इस दौरान उन्होंने कहा कि बिहार का यह उनका दोबारा दौरा है और राघोपुर विधानसभा में वह पांचवीं बार पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ की गंभीर स्थिति के बावजूद प्रभावित क्षेत्रों में कोई व्यवस्था नहीं है। ना लोगों के रहने के लिए पालीथीन है, ना मवेशियों के लिए चारा और ना ही पर्याप्त भोजन की व्यवस्था की गई है।

सांसद पप्पू यादव ने राहत व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक किचन में दाल-भात के साथ फोटो खिंचवा लेने से बाढ़ पीड़ितों का पेट नहीं भरता। इस समय मंत्री से ज्यादा अधिकारी ही नेता बन गए हैं। जमीन पर सच्चाई कुछ और है और कागजों पर कुछ और दिखाई जा रही है।

उन्होंने बाढ़ पीड़ितों की स्थिति को लेकर भावुक अंदाज में कहा कि जब दुर्योधन अपनों का साथ छोड़ देता है तो अर्जुन को साथ निभाना पड़ता है। गरीब, दलित और यादवों को मरने के लिए नहीं छोड़ा जा सकता। मैं इस मुश्किल घड़ी में उनके साथ खड़ा हूं।

उन्होंने कहा कि यहां दो-दो युवराज हैं। एक फोटो सेशन कराकर चले गए और दूसरे को शायद गरीब-दलित के शरीर की बदबू महसूस हो रही थी। चुनाव के समय गमछा हिलाकर सोनपुर और राघोपुर के यादवों से वोट चाहिए, लेकिन जब उन्हीं लोगों की जिंदगी तबाह हो जाती है तो इनके पास मदद के लिए पैसे नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि विपक्ष 15 साल सत्ता में रहा और उसके बाद दो-दो बार उपमुख्यमंत्री भी रहा। डबल इंजन की सरकार को करीब 20 साल हो चुके हैं। इसके बावजूद राघोपुर में बाढ़ की समस्या कम होने के बजाय तीन गुना बढ़ गई। क्या यहां के विधायक और सांसद के पास पैसे का अभाव है?

उन्होंने कहा कि कोई शरद जी की मूर्ति की बात करता है, तो कोई रामविलास जी की और कोई रघुवंश बाबू की। मैं कहता हूं कि पहले गरीब की जिंदगी बचाइए। मूर्ति लगानी है तो मैं लगवा दूंगा। इन सत्ता और विपक्ष वालों से मूर्ति लगाने के लिए एक रुपया भी नहीं लूंगा। आप महापुरुषों की मूर्ति लगाइए, लेकिन आज जरूरत जिंदा इंसानों को बचाने की है।

विशनपुर क्षेत्र में बाढ़ के पानी में डूबने से दो लोगों की मौत के बाद उनके परिवारों में मातम पसरा हुआ है। दूधनाथ राय, पिता जयराम राय, विशनपुर भगतान टोला की जानवरों को चारा देने के लिए ऊंचे स्थान पर जाते समय डूबने से मौत हो गई। वहीं 18 वर्षीय पप्पू राय, पिता रामप्रवेश राय, पहाड़पुर विशनपुर की भी डूबने से मौत हुई है।

पप्पू यादव ने दोनों मृतकों के स्वजनों से मुलाकात कर 10-10 हजार की आर्थिक सहायता दी। वहीं बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच 500 के नोट के रूप में आर्थिक सहायता वितरित करते हुए करीब 4.50 लाख की आर्थिक मदद की है।

उन्होंने बाढ़ में फंसी एक महिला को बचाने के दौरान एक सुरक्षा गार्ड के डूबने से बाल-बाल बचने की घटना का उल्लेख करते हुए सवाल उठाया कि आपदा के समय आम लोगों की जान की सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर किसकी है।

उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को चुनौती देते हुए कहा कि मुझे एक महीने के लिए आपदा विभाग दे दीजिए। मैं एक भी गरीब को भूखा नहीं रहने दूंगा। अगर हर बाढ़ पीड़ित परिवार तक 25 हजार की मदद नहीं पहुंचा दी, तो राजनीति से संन्यास ले लूंगा। सम्राट चौधरी की आंखों में भी अधिकारी धूल झोंक रहे हैं। जमीन पर सच्चाई कुछ और है और कागजों पर कुछ और।

उन्होंने बाढ़ पीड़ितों को तत्काल भोजन, दवा, पालीथीन, पशु चारा और सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराने की मांग की। इस दौरान पिंटू यादव, ज्ञान सौरभ ज्ञानु, रवि यादव, अमरेश कुमार, राहुल कुमार, दिलीप यादव, संजय राय आदि मौजूद थे।