हाजीपुर में NIA की बड़ी कार्रवाई: अधिवक्ता छोटू लाला गिरफ्तार, राजधानी एक्सप्रेस से नगालैंड से AK-47 लेकर आए थे
हाजीपुर में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने अधिवक्ता संदीप कुमार सिन्हा उर्फ छोटू लाला को अवैध हथियार तस्करी नेटवर्क से ...और पढ़ें

AK-47 की तस्करी से जमीन खरीदने तक की कड़ी
HighLights
एनआईए ने हाजीपुर से अधिवक्ता छोटू लाला को किया गिरफ्तार।
अवैध हथियार तस्करी नेटवर्क और जमीन खरीद से जुड़ा मामला।
राजधानी एक्सप्रेस से एके-47 लाने का हुआ था खुलासा।
जागरण संवाददाता, हाजीपुर(वैशाली)। हाजीपुर में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) ने देर रात बड़ी कार्रवाई करते हुए नगर थाना क्षेत्र के जोहरी बाजार से अधिवक्ता संदीप कुमार सिन्हा उर्फ छोटू लाला को गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार, अधिवक्ता अपने चार पहिया वाहन से अपार्टमेंट से निकलकर कहीं जाने की तैयारी में था।
इसी दौरान पहले से निगरानी कर रही नगर थाना पुलिस और एनआइए की टीम ने उसे दबोच लिया। पूछताछ के बाद टीम अधिवक्ता को अपने साथ ले गई। उसकी गाड़ी नगर थाना में रखी गई है। गिरफ्तारी की पुष्टि अधिवक्ता के स्वजनों ने की है।
दो बार अधिवक्ता के ठिकानों पर हो चुकी है छापेमारी
एनआइए इससे पहले भी अधिवक्ता के ठिकानों पर दो बार छापेमारी कर चुकी है। पहली कार्रवाई 18 दिसंबर 2024 को हुई थी।
उस दिन नगर थाना क्षेत्र के एसडीओ रोड स्थित अधिवक्ता के घर और कृष्णपुरी बागमली में सत्यम कुमार के ठिकाने के साथ महुआ थाना क्षेत्र के गौसपुर मुजाहिद गांव में मुन्ना राय के घर पर एक साथ छापेमारी की गई थी। हालांकि, उस दौरान कोई बरामदगी नहीं हुई थी।
दूसरी रेड में पिस्टल, कारतूस और चार लाख रुपये मिले थे
दूसरी बार 8 अक्टूबर 2025 को एनआइए ने अधिवक्ता के घर पर छापेमारी की थी। सूत्रों के अनुसार, इस दौरान टीम ने एसडीओ रोड निवासी अशोक कुमार सिंह के पुत्र अधिवक्ता संदीप कुमार सिन्हा के घर से एक पिस्टल, दो मैगजीन, 18 कारतूस, एक लाइसेंसी बंदूक और चार लाख रुपये नकद बरामद किए थे। अब गिरफ्तारी के बाद एजेंसी इस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
AK-47 की तस्करी से जमीन खरीदने तक की कड़ी
सूत्रों के अनुसार, एनआइए की जांच एक बड़े अवैध हथियार तस्करी नेटवर्क से जुड़ी है। एजेंसी को शक है कि अवैध हथियारों की बिक्री से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल जमीन खरीदने में किया गया।
इसमें अधिवक्ता छोटू लाला की भूमिका की भी जांच की जा रही है। जांच के अनुसार, हाजीपुर के कृष्णपुरी बागमली निवासी सत्यम कुमार और जैतपुर थाना क्षेत्र के पोखरैरा गांव निवासी विकास कुमार आपस में रिश्तेदार हैं। दोनों पर नगालैंड और पूर्वोत्तर के अन्य इलाकों से अवैध हथियार लाकर बिहार में बेचने का आरोप है।
राजधानी एक्सप्रेस से AK-47 लाने का हुआ था खुलासा
9 मई 2024 को मुजफ्फरपुर पुलिस ने इस नेटवर्क का खुलासा किया था। तत्कालीन एसपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया था कि सत्यम और विकास नगालैंड से राजधानी एक्सप्रेस के जरिए AK-47 लेकर आए थे।
पुलिस ने उनके पास से दूरबीन लेंस लगी प्रतिबंधित AK-47 असॉल्ट राइफल, मैगजीन, पांच जिंदा कारतूस और तीन मोबाइल जब्त किए थे। जांच एजेंसियों के अनुसार, हथियारों की बिक्री से मिली रकम को जमीन में निवेश किए जाने की आशंका है।
कौन हैं मुन्ना राय, जिसकी भी जांच के दायरे में चर्चा?
स्वर्गीय अधिवक्ता अनिल राय के पुत्र मुन्ना राय पहले पुणे में पढ़ाई करते थे। बाद में उनका नाम कथित तौर पर अवैध गतिविधियों से जुड़ा। मुजफ्फरपुर में बरामद अवैध हथियार के मामले में भी उनका नाम सामने आने की बात कही गई थी। अब एनआइए इस पूरे नेटवर्क में मुन्ना राय समेत अन्य संदिग्धों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।
नेटवर्क और संपत्ति के स्रोत खंगाल रही एनआइए
फिलहाल एनआइए गिरफ्तार अधिवक्ता से पूछताछ कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि हथियारों की खरीद-बिक्री में कौन-कौन शामिल था और इससे अर्जित रकम से कितनी संपत्ति बनाई गई।
जांच का एक अहम पहलू हथियार तस्करी से जमीन की खरीद तक के कथित आर्थिक लेन-देन की कड़ी को स्पष्ट करना है।
