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रिंग रोड और रिवर फ्रंट से बदलेगी हाजीपुर की सूरत, DM वर्षा सिंह ने अधिकारियों को दिया टास्क

Published: Wed, 01 Apr 2026 08:59 PM (IST)

हाजीपुर के सुनियोजित विस्तार के लिए जिला प्रशासन ने मास्टर प्लान-2045 की समीक्षा की। जिलाधिकारी वर्षा सिंह की अध्यक्षता में ...और पढ़ें

रिंग रोड और रिवर फ्रंट से बदलेगी हाजीपुर शहर की सूरत, DM वर्षा सिंह ने अधिकारियों को दिया टास्क

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जागरण संवाददाता, हाजीपुर। हाजीपुर नगर के सुनियोजित और आधुनिक विस्तार को लेकर जिला प्रशासन ने बड़ी कवायद शुरू कर दी है। बुधवार को समाहरणालय सभागार में जिलाधिकारी वर्षा सिंह की अध्यक्षता में जीआईएस आधारित हाजीपुर मास्टर प्लान-2045 (स्टेज-IV/V) की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

इस मास्टर प्लान का मुख्य उद्देश्य अगले दो दशकों के लिए हाजीपुर को एक संतुलित, सतत और आपदा-संवेदनशील शहर के रूप में विकसित करना है।

बैठक में मास्टर प्लान के विभिन्न चरणों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने शहर के दीर्घकालिक, संतुलित एवं सतत विकास के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।

उन्होंने नए औद्योगिक क्षेत्र के विकास, बस स्टैंड एवं परिवहन व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण, सड़क संपर्क में सुधार तथा प्रस्तावित रिंग रोड एलाइनमेंट को प्राथमिकता देने को कहा।

साथ ही ट्रैफिक सर्वे को अद्यतन करने, पावर सब-स्टेशन की स्थापना तथा स्टार्म वाटर ड्रेनेज प्रणाली को मास्टर प्लान में शामिल करने पर बल दिया।

आपदा को ध्यान में रखकर विकास पर जोर

जिलाधिकारी ने हाजीपुर के भूकंप जोन-4 में स्थित होने और जलजमाव व बाढ़ संभावित क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए सुरक्षित एवं आपदा-संवेदनशील विकास रणनीति अपनाने का निर्देश दिया।

उन्होंने ग्रीन बेल्ट, पार्कों के विकास, पर्यावरण संरक्षण और इको-टूरिज्म से जुड़े प्रस्तावों को भी योजना में शामिल करने पर जोर दिया।

बैठक में गांधी सेतु से कौनहारा घाट तक रिवर फ्रंट डेवलपमेंट की संभावनाओं के साथ-साथ राघोपुर क्षेत्र में भी रिवर फ्रंट विकास को लेकर विचार-विमर्श किया गया।

जिलाधिकारी ने कहा कि हाजीपुर की भौगोलिक एवं पर्यावरणीय विशेषताओं को ध्यान में रखते हुए विकास योजनाएं तैयार की जाएं, ताकि शहर को आधुनिक और सुव्यवस्थित स्वरूप दिया जा सके।

ड्राफ्ट तैयार कर शीघ्र अंतिम रूप देने का निर्देश

बैठक में निर्णय लिया गया कि प्राप्त सुझावों के आधार पर ड्राफ्ट मास्टर प्लान-2045 तैयार किया जाएगा। जिलादाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को समन्वय के साथ समयबद्ध तरीके से कार्य करते हुए योजना को शीघ्र अंतिम रूप देने का निर्देश दिया, ताकि हाजीपुर को एक विकसित और आधुनिक शहर के रूप में स्थापित किया जा सके।

बैठक में अपर समाहर्ता, नगर परिषद हाजीपुर के कार्यपालक पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और तकनीकी विशेषज्ञ उपस्थित रहे।