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हाजीपुर में नशे के कारोबार पर बड़ा प्रहार: 989 प्रतिबंधित दवा वायल बरामद, एक गिरफ्तार

Published: Tue, 13 Oct 2026 10:00 AM (GMT+05:30)

वैशाली जिले के हाजीपुर में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई है, जिसमें 989 प्रतिबंधित दवा ...और पढ़ें

बच्चों और युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेलने के आरोपों की होगी जांच

बच्चों और युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेलने के आरोपों की होगी जांच

HighLights

  1. हाजीपुर में 989 प्रतिबंधित दवा वायल जब्त।

  2. नशीली दवाओं के अवैध कारोबार में एक गिरफ्तार।

  3. बच्चों-युवाओं को नशे से बचाने पर प्रशासन का जोर।

जागरण संवाददाता, हाजीपुर(वैशाली)। वैशाली जिले में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। हाजीपुर नगर परिषद के वार्ड संख्या-43 में सोमवार की रात हुई छापेमारी में 989 भरे हुए प्रतिबंधित दवा वायल बरामद किए गए, जबकि एक आरोपित को गिरफ्तार किया गया है। बरामद दवाओं में ट्रामाडोल और बुप्रेनॉर्फिन जैसे नियंत्रित औषधीय घटक पाए गए हैं।

मौके से 40 सिरिंज, 50 हैंड ग्लव्स, आठ मोबाइल फोन और 46 हजार रुपये नकद भी जब्त किए गए। कार्रवाई ने क्षेत्र में नशीली दवाओं के अवैध भंडारण और वितरण की आशंका को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिला प्रशासन ने मामले में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई के संकेत दिए हैं।

बच्चों और युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेलने के आरोपों की होगी जांच

जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि छापेमारी के दौरान मिली जानकारी में छोटे बच्चों और युवाओं को नशीले पदार्थों के सेवन के लिए इंजेक्शन के इस्तेमाल का तरीका सिखाए जाने की बात सामने आई है।

प्रशासन इस पहलू की गंभीरता से जांच करेगा। हालांकि, इस संबंध में सामने आई जानकारी की स्वतंत्र पुष्टि और जांच के निष्कर्ष अभी सामने नहीं आए हैं।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि बच्चों और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

एसडीओ के नेतृत्व में गठित टीम ने की छापेमारी

जिलाधिकारी के निर्देश पर नशा मुक्त वैशाली अभियान के तहत सोमवार की रात हाजीपुर नगर परिषद के वार्ड संख्या-43 में छापेमारी की गई।

अनुमंडल पदाधिकारी विशाल के नेतृत्व में गठित टीम में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सुबोध कुमार और औषधि निरीक्षक शामिल थे। कार्रवाई के दौरान टीम ने प्रतिबंधित श्रेणी की दवाओं समेत कई सामान बरामद किए।

प्रशासन के अनुसार, बरामद दवाओं के संबंध में आवश्यक चिकित्सकीय प्रिस्क्रिप्शन उपलब्ध नहीं पाया गया। मामले की जांच कर दवाओं के अवैध भंडारण, बिक्री और वितरण से जुड़े तथ्यों का पता लगाया जा रहा है।

ट्रामाडोल और बुप्रेनॉर्फिन वाली पांच प्रकार की दवाएं बरामद

प्रशासन के मुताबिक, छापेमारी में पांच प्रकार की दवाएं मिली हैं, जिनके सक्रिय घटकों में ट्रामाडोल और बुप्रेनॉर्फिन शामिल हैं। ये नियंत्रित औषधियों की श्रेणी में आती हैं और इनके अवैध कारोबार पर लागू कानूनों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

दवाओं के साथ 40 सिरिंज और 50 हैंड ग्लव्स की बरामदगी भी हुई है। इसके अलावा आठ मोबाइल फोन और 46 हजार रुपये नकद जब्त किए गए हैं। जांच के दौरान बरामद सामान के इस्तेमाल और मामले से उसके संबंधों की पड़ताल की जाएगी।

तेरसिया निवासी मिथिलेश राय गिरफ्तार, अन्य आरोपितों की तलाश

इस मामले में तेरसिया निवासी मिथिलेश राय को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ के बाद प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है।

जिलाधिकारी ने बताया कि मामले में संलिप्त अन्य व्यक्तियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। जांच में जिन लोगों की भूमिका सामने आएगी, उनके विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन का कहना है कि अवैध नशीली दवाओं के कारोबार से जुड़े पूरे नेटवर्क का पता लगाने पर जोर दिया जा रहा है।

गंगा ब्रिज थाना की भूमिका की भी होगी समीक्षा

कार्रवाई के बाद संबंधित क्षेत्र में सूखे नशे के अवैध कारोबार की परिस्थितियों और पूर्व में की गई कार्रवाई की समीक्षा करने का निर्णय लिया गया है।

जिलाधिकारी ने गंगा ब्रिज थाना की भूमिका की भी जांच कराने की बात कही है। जांच में यह देखा जाएगा कि ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए पहले क्या कदम उठाए गए थे और कहीं किसी स्तर पर लापरवाही तो नहीं हुई। यदि किसी अधिकारी या कर्मी की लापरवाही अथवा संलिप्तता सामने आती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

शराब और नशीली दवाओं के अवैध कारोबार पर जारी रहेगा अभियान

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि नशा मुक्त वैशाली अभियान के तहत जिले में छापेमारी और जांच लगातार जारी रहेगी। नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के साथ-साथ अवैध शराब की बिक्री में शामिल लोगों पर भी कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाकर अभियान को प्रभावी बनाने पर जोर दिया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य जिले में नशे के अवैध कारोबार पर रोक लगाना और बच्चों एवं युवाओं को इसके दुष्प्रभावों से बचाना है।

नशे के अवैध कारोबार की सूचना दें, पहचान रखी जाएगी गोपनीय

जिलाधिकारी ने आम नागरिकों से अपील की कि आसपास नशीले पदार्थों के अवैध भंडारण, बिक्री या वितरण की जानकारी मिलने पर जिला प्रशासन को तत्काल सूचित करें। उन्होंने आश्वस्त किया कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान और विवरण गोपनीय रखे जाएंगे तथा प्राप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

सूचना देने के लिए संपर्क करें:

  • जिला नियंत्रण कक्ष: 06224-260233
  • जिला नियंत्रण कक्ष: 06224-260234
  • व्हाट्सऐप नंबर: 8544424310

जिलाधिकारी ने कहा कि नशे के खिलाफ अभियान को सफल बनाने में जनसहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि बच्चों और युवाओं के सुरक्षित भविष्य के लिए आगे आएं और नशे के अवैध कारोबार के विरुद्ध सामूहिक प्रयासों को मजबूत बनाएं।