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IAS बनने का सपना देख रहे छात्र, हाजीपुर में 'कलेक्‍टर दीदी' ने बताया लक्ष्य तक पहुंचने का तरीका

Published: Sun, 23 Aug 2026 09:38 AM (IST)

हाजीपुर में 'हमारी कलेक्टर दीदी' कार्यक्रम में डीएम वर्षा सिंह ने विद्यार्थियों को करियर के विभिन्न विकल्पों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर मार्गदर्शन दिया।

छात्रों का मार्गदर्शन करतीं हाजीपुर डीएम वर्षा सिंंह।

छात्रों का मार्गदर्शन करतीं हाजीपुर डीएम वर्षा सिंंह।

HighLights

  1. डीएम वर्षा सिंह ने छात्रों को करियर मार्गदर्शन दिया।

  2. रुचि और क्षमतानुसार करियर चुनने की सलाह दी।

  3. एनसीईआरटी व स्मार्टफोन के सकारात्मक उपयोग पर जोर।

जागरण संवाददाता, हाजीपुर। ‘हमारी कलेक्टर दीदी’ कार्यक्रम के 10वें संस्करण के तहत शनिवार को समाहरणालय परिसर स्थित पुष्करणी सभागार में विद्यार्थियों के करियर मार्गदर्शन के लिए कार्यशाला आयोजित की गई।

इसमें जिले के पांच विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को करियर के विभिन्न विकल्पों, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और सफलता की रणनीति से अवगत कराना था।

कार्यक्रम में एलएन हाई स्कूल, भगवानपुर, जीए हाई स्कूल, प्रतापटांड़, उच्च माध्यमिक विद्यालय जहांगीरपुर पटेढ़ी, उच्च माध्यमिक विद्यालय शाहमिया रोहुआ और उच्च माध्यमिक विद्यालय कुतुबपुर के विद्यार्थियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत विद्यार्थियों के सवालों और जिज्ञासाओं से हुई। छात्र-छात्राओं ने करियर निर्माण, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, सफलता की रणनीति और असफलता के बाद दोबारा तैयारी को लेकर डीएम से सवाल पूछे।

रुचि और क्षमता के अनुसार चुनें करियर

डीएम वर्षा सिंह ने विद्यार्थियों के सवालों का सहज और संवादात्मक तरीके से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि सफलता के लिए किसी एक माध्यम या एक ही करियर विकल्प पर निर्भर रहना जरूरी नहीं है।

विद्यार्थी अपनी रुचि, क्षमता और प्रतिभा के अनुसार अलग-अलग क्षेत्रों में आगे बढ़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी परीक्षा में सफलता के लिए निरंतर मेहनत, अनुशासन, ईमानदारी और धैर्य जरूरी है।

असफलता को लेकर निराश होने के बजाय विद्यार्थियों को अपनी तैयारी का मूल्यांकन करना चाहिए। यह समझना जरूरी है कि कमी कहां रह गई। इसके बाद कमियों को दूर कर बेहतर रणनीति के साथ दोबारा प्रयास करना चाहिए।

पांचवीं से 12वीं तक की एनसीईआरटी पर दें ध्यान

डीएम ने विद्यार्थियों को कक्षा पांचवीं से 12वीं तक की एनसीईआरटी पुस्तकों के अध्ययन पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी।

उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बुनियादी अवधारणाओं को मजबूत करना जरूरी है। इसके लिए स्कूली स्तर की पुस्तकों का गंभीरता से अध्ययन काफी उपयोगी साबित हो सकता है।

उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित रूप से अच्छे समाचार पत्र पढ़ने और समसामयिक घटनाओं की जानकारी रखने के लिए प्रेरित किया।

डीएम ने कहा कि ज्ञान केवल पाठ्य पुस्तकों तक सीमित नहीं होना चाहिए। विद्यार्थियों को समाज और देश-दुनिया में होने वाली महत्वपूर्ण घटनाओं की जानकारी भी रखनी चाहिए।

इससे उनमें जागरूक नागरिक बनने के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए आवश्यक सामान्य ज्ञान और विश्लेषण क्षमता विकसित होगी।

स्मार्टफोन का करें सकारात्मक इस्तेमाल

स्मार्टफोन के माध्यम से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से जुड़े सवाल पर डीएम ने कहा कि ऑनलाइन संसाधनों का सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो यह पढ़ाई में काफी मददगार हो सकता है।

विद्यार्थी स्मार्टफोन और इंटरनेट का उपयोग ज्ञानवर्धन, अध्ययन सामग्री जुटाने, ऑनलाइन कक्षाओं और मॉक टेस्ट के लिए कर सकते हैं।

उन्होंने विद्यार्थियों को तकनीक का सकारात्मक एवं अध्ययनपरक उपयोग करने की सलाह दी। साथ ही कहा कि स्मार्टफोन का इस्तेमाल समय बर्बाद करने के बजाय अपने लक्ष्य की तैयारी में किया जाना चाहिए।

विद्यार्थियों को दिए गए सैंपल प्रश्न और स्टेशनरी

कार्यशाला के दौरान छात्र-छात्राओं को सैंपल प्रश्न, नोटबुक और पेन भी उपलब्ध कराए गए। विद्यार्थियों ने डीएम से सीधे संवाद कर करियर और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी अपनी जिज्ञासाएं साझा कीं।

डीएम ने उनकी शंकाओं का समाधान करते हुए लक्ष्य निर्धारित कर नियमित रूप से तैयारी करने की सलाह दी। कार्यशाला में शामिल अधिकांश विद्यार्थियों ने भविष्य में जिला पदाधिकारी बनने की इच्छा व्यक्त की।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों में अपने लक्ष्य को लेकर उत्साह और जिज्ञासा देखने को मिली। डीएम ने उन्हें बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उसे हासिल करने के लिए लगातार प्रयास करते रहने के लिए प्रेरित किया।