वैशाली। पूर्व सांसद किशोरी सिन्हा न सिर्फ बिहार के दिग्गज राजनेता व छोटे साहब के नाम से मशहूर पूर्व मुख्यमंत्री सत्येंद्र नारायण ¨सह की पत्नी व नागालैंड तथा केरल के पूर्व राज्यपाल निखिल कुमार की मां थी बल्कि वे वैशाली जिले की बिटिया भी थी। लालगंज के जगन्नाथ बसंत में उनका मायका था। अस्सी व नब्बे के दशक में किशोरी सिन्हा ने महिला सशक्तिकरण की मिसाल भी पेश की थी। छोटे साहब की तरह ही क्षेत्र में बच्ची के नाम से लोकप्रिय किशोरी सिन्हा ने वर्ष 1980 में वैशाली लोक सभा क्षेत्र से उस वक्त के दिग्गज राजनेता पूर्व मंत्री एलपी शाही को पराजित किया था। इसके बाद वे दुबारा 1984 में यहां से सांसद चुनी गई थी। वे वैशाली से पहली महिला सांसद थी। बुधवार को किशोरी सिन्हा का वैशाली की धरती पर ही हाजीपुर के एतिहासिक कौनहारा घाट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार के बाद उनके पुत्र पूर्व राज्यपाल ने कहा कि वैशाली की धरती से उनके पूरे परिवार का विशेष लगाव रहा है। उनकी मां किशोरी सिन्हा पूरे परिवार के साथ यहां बद्री बाबू के यहां आया करती थी। बद्री बाबू के बंगले पर ही किशोरी को पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई थी। घंटों यहां समय बिताने के बाद हरिहरनाथ मंदिर जाकर पूजा-अर्चना करती थी। मायके एवं इकलौते बेटे के इस पावन घरती पर जन्म को लेकर यहां से उनका काफी जुड़ाव था और यही कारण थी कि किशोरी सिन्हा ने कौनहारा घाट पर ही अपने दाह संस्कार की इच्छा प्रकट की थी।