हाजीपुर: मुख्यमंत्री के जाने के बाद एम्बुलेंस से चोकर लौटाने पर गिरी गाज, जिला पशुपालन अधिकारी पर FIR दर्ज
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बाढ़ राहत शिविर दौरे के बाद हाजीपुर में एम्बुलेंस से चोकर वापस ले जाने का वीडियो ...और पढ़ें
HighLights
मुख्यमंत्री के बाढ़ राहत शिविर दौरे के बाद चोकर वापस ले जाया गया।
वायरल वीडियो के बाद जिला पशुपालन अधिकारी पर प्राथमिकी दर्ज।
आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कार्रवाई, जांच शुरू की गई।
जागरण संवाददाता, हाजीपुर। गंगा ब्रिज थाना के निकट 7 सितंबर को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बाढ़ राहत शिविर दौरे के बाद देर शाम एम्बुलेंस से चोकर वापस ले जाने का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल होने के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। अंचलाधिकारी हाजीपुर आशुतोष सन्नी ने जिला पशुपालन पदाधिकारी के विरुद्ध गंगा ब्रिज थाना में प्राथमिकी कराई है।
गौरतलब हो कि वीडियो वायरल होने के बाद बुधवार को जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने जिला पशुपालन पदाधिकारी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई और प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया था। इसके बाद तत्काल प्रभाव से रंजीत कुमार शर्मा को हाजीपुर के जिला पशुपालन पदाधिकारी का प्रभार दिया गया है।
प्राथमिकी के अनुसार 7 सितंबर को मुख्यमंत्री का आगमन गंगा ब्रिज थाना के निकट संचालित बाढ़ राहत शिविर में हुआ था। मुख्यमंत्री के प्रस्थान के बाद पशुओं के लिए लाए गए चारे एवं चोकर में से चोकर को एम्बुलेंस से वापस ले जाया गया।
पशु चारा एवं चोकर का वास्तविक वितरण न करने का निर्देश
इसी दौरान एम्बुलेंस चालक से एक पत्रकार द्वारा फोन पर भ्रामक, दुर्भावनापूर्ण और पूरी तरह निराधार बयान दिलवाया गया। जिसमें यह गलत सूचना प्रसारित की गई कि जिलाधिकारी वैशाली और अपर समाहर्ता आपदा द्वारा पशु चारा एवं चोकर का वास्तविक वितरण न करने और उक्त चारा-चोकर को मात्र मुख्यमंत्री के आगमन पर दिखाने के लिए रखने का निर्देश दिया गया है।
सीओ ने प्राथमिकी में स्पष्ट किया है कि जिला प्रशासन, जिलाधिकारी एवं अपर समाहर्ता आपदा द्वारा ऐसा कोई मौखिक या लिखित आदेश पारित नहीं किया गया है।
चारा एवं चोकर की व्यवस्था का स्पष्ट उल्लेख
जिला प्रशासन का स्पष्ट निर्देश आपदा प्रभावित जरूरतमंद क्षेत्रों में चारा एवं चोकर का पारदर्शी और त्वरित वितरण सुनिश्चित करना रहा है। साथ ही आपदा द्वारा की गई ई-निविदा में भी पशुओं हेतु चारा एवं चोकर की व्यवस्था का स्पष्ट उल्लेख है।
राहत कार्य में बाधा और कर्तव्य में लापरवाही, आपदा के दौरान पशुओं के लिए आवश्यक चारे के वितरण को जानबूझकर रोकना, वितरण पर रोक का झूठा प्रचार करना और वरीय पदाधिकारी के नाम पर असत्य आरोप मढ़ना गंभीर आपराधिक कृत्य है।
सुसंगत धाराओं के तहत दंडनीय अपराध
वितरण हेतु लाए गए चारे-चोकर को वितरण स्थल से हटाना भी घोर आपराधिक कृत्य है। यह कृत्य आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51 (B) सरकारी कार्य में बाधा, धारा 53 आपदा राहत सामग्री के दुरुपयोग एवं धारा 56 कर्तव्य पालन से इनकार तथा भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं के तहत दंडनीय अपराध है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
