वैशाली। बिदुपुर प्रखंड की जुड़ावनपुर पंचायत के विशनपुर सैदअली दियारा में गंगा नदी के दक्षिण दिशा में तेजी से कटाव हो रही है। कटाव को देख ग्रामीण काफी चितित हैं। किसानों के खेत गंगा में समा रहे हैं। इस गांव को गंगा के कटाव से बचाने के लिए वर्ष 2016-17 में बाढ़ नियंत्रण विभाग के द्वारा करोड़ों रुपये खर्च कर कटाव निरोधक कार्य कराए गए थे। जिन स्थानों पर कटाव निरोधक कार्य किए गए थे, वहां तो कटाव नहीं हो रहा है, लेकिन गंगा ने नई जगहों पर कटाव करना शुरू कर दिया है।

वर्तमान में जुड़ावनपुर पंचायत के विशनपुर सैदअली दिआरा के एकन्नी पट्टी से जमींदारी घाट होते हुए छह आना पट्टी तक के भाग में लगभग डेढ़ किलोमीटर की दूरी में गंगा नदी में कटाव हो रहा है। स्थानीय समाजसेवी बैरिस्टर राय ने बताया कि यदि कटाव निरोधक कार्य नहीं कराया गया तो विशनपुर, पहाड़पुर, गोखुलपुर आदि गांवों की सैकड़ों एकड़ उपजाऊ जमीन गंगा में समा जाएगी। कटाव का खतरा मंडरा रहा है, जिसके कारण स्थानीय लोग भारी चिता में हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2016 एवं 2017 में विशनपुर छह आना पट्टी से लेकर चकसिगार सीमा से विशनपुर एकन्नी तक कटाव निरोधक कार्य कराए गए थे। लेकिन कटाव निरोधक कार्य कराने के दौरान गुणवत्ता का ख्याल नहीं रखा गया था। केवल बोरा में बालू भरकर नदी किनारे रख दिया गया था। लोहे के तार की जाली आदि नहीं लगाई गई थी।

इधर दियारा के लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र की विडंबना है कि जिस स्थान पर कटाव निरोधक कार्य हो जाएगा, वहां तो कटाव रुक जाएगा, लेकिन दूसरी नई जगहों पर कटाव शुरू हो जाता है। स्थानीय ग्रामीण मधुसूदन राय, शिवचन्द्र राय, सन्तोष राय, पवन राय, राम बालक राय आदि ने बताया कि उनलोगों को प्रतिवर्ष काफी क्षति पहुंचती है परन्तु सरकार से मिलने वाली सहायता राशि ऊंट के मुंह मे जीरा के समान है।

वहीं पूर्व विधायक सतीश कुमार ने बताया कि राघोपुर प्रखंड की जफराबाद एवं रुस्तमपुर पंचायत में भी गंगा से कटाव हो रहा है। उन्होंने कहा कि गत दो वर्षों से राघोपुर विधान सभा क्षेत्र में गंगा नदी किनारे कटाव निरोधक कार्य कराने के लिए सरकार द्वारा कोई भी राशि नहीं दी गई और ना ही वर्तमान विधायक तेजस्वी यादव ने इसको लेकर प्रयास किए, जिसके कारण ही आज नए क्षेत्र में कटाव हो रहा है। उन्होंने सरकार एवं जिला प्रशासन से तत्काल कटाव निरोधक कार्य शुरू कराने की मांग की।

Posted By: Jagran