वैशाली। जिला कृषि पदाधिकारी के नेतृत्व में कृषि विभाग के अधिकारियों की टीम ने मंगलवार को प्रखंड क्षेत्र का दौरा कर किसानों की समस्याएं सुनी एवं किसानों से कई सुझाव भी लिए। वैशाली के जिला कृषि पदाधिकारी अरविद कुमार झा, आत्मा के उप परियोजना निदेशक सियाराम साहू एवं अन्य पदाधिकारियों ने सोमवार को लालगंज का दौरा किया।

इस दौरान राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित और लालगंज के आत्मा अध्यक्ष जितेन्द्र सिंह ने कृषि विभाग के स्तर पर किसानों को उन्नत किस्म का बीज और अन्य इनपुट समय पर नियमित उपलब्ध करवाने, अनुदान की राशि प्राथमिकता के आधार पर किसानों के खाते पर अंतरित करने, अतिवृष्टि से हुए किसानों की क्षति की भरपाई करने आदि कई सुझाव दिए। इस दौरान जिला कृषि पदाधिकारी ने पौधारोपण किया और कहा कि किसानों का पर्यावरण से गहरा नाता रहा है। उन्होंने बढ़ते पर्यावरण असंतुलन पर चिता जाहिर करते हुए कहा कि किसान जहां जैविक खेती को अपना रहे हैं। वहीं कृषि वानिकी पर भी खास ध्यान दे रहे हैं।

कहा कि कृषि वानिकी को अपनाकर कुछ हद तक पर्यावरण संतुलन को बेहतर बनाया जा सकता है। खेत के मेंढ़ पर पौधा लगाकर किसान अच्छी आमदनी के साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इसके अलावा गांव की शामिलात भूमि, परती भूमि और ऐसी भूमि जिस पर कृषि नहीं की जा रही है, वहां भी उपयोगी वृक्ष लगाकर पर्यावरण को हरा-भरा बनाया जा सकता है। उन्होंने सरकार के स्तर पर कृषि क्षेत्र की मजबूती और प्रगति के लिए संचालित अनेक योजनाओं व कार्यक्रमों का पूरा लाभ लेने का आग्रह करते हुए कहा कि देश का किसान मजबूत होगा तो गांव मजबूत होगा। खेती समृद्ध होगी तो भारत समृद्ध होगा, तभी आने वाले कल में भारत दुनिया के श्रेष्ठ राष्ट्र के रूप में स्थापित हो पाएगा।

उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सिरमौर बने, इसमें सबसे अधिक भूमिका कोई निर्वाह कर सकता है तो वह अन्नदाता किसान हैं। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि सरकार की योजनाओं के साथ ही नए-नए कृषि अनुसंधान का लाभ लेते हुए, खेती को आत्मनिर्भर बनाए और अपने देश को भी आत्मनिर्भर बनाएं। इस अवसर पर कृषि समन्वयक कन्हैया सिंह, अरविद कुमार वर्मा, रघुवीर कुमार, अमित रंजन, किसान सलाहकार राजेश कुमार, श्रीराम, सुधीर कुमार, पवन कुमार, संजय कुमार चरण, अजय कुमार सिंह, संतोष कुमार आदि उपस्थित थे।

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