वैशाली। आदर्श उच्च विद्यालय, हांसी मलाही में वित्तीय अनियमितता एवं भ्रष्टाचार को लेकर रविवार को विद्यालय परिसर में ग्रामीणों के दो गुटों में जमकर मारपीट हो गई। मारपीट की इस घटना में विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष के पुत्र घायल हो गए।

मालूम हो कि विद्यालय में पिछले पांच जुलाई से ही वित्तीय अनियमितता एवं भ्रष्टाचार के खिलाफ ग्रामीणों ने तालाबंदी कर रखी है। इस मामले में विद्यालय के प्राचार्य विजय शंकर द्विवेदी ने चार लोगों एवं दस अज्ञात लोगों के विरुद्ध भगवानपुर थाना में लूट, विद्यालय के अभिलेखों को नष्ट करने एवं उठा कर ले जाने की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। प्रधानाध्यापक के द्वारा एफआइआर दर्ज कराए जाने को लेकर ग्रामीणों में काफी आक्रोश व्याप्त है। इसी का नतीजा है कि रविवार को ग्रामीणों के दो गुटों में मारपीट हो गई।

ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ विद्यालय में भारी पैमाने पर वित्तीय अनियमितता, विद्यालय अनुदान राशि भुगतान नहीं करने एवं भ्रष्टाचार के विरुद्ध जिला शिक्षा पदाधिकारी से लेकर वरीय अधिकारियों के यहां लिखित शिकायत की गई थी। डीएम के आदेश पर इसकी जांच की जिम्मेवारी जिला कार्यक्रम पदाधिकारी माध्यमिक शिक्षा को दी गई थी। 27 मई को विद्यालय की जांच होनी थी। विद्यालय को पत्र देकर दोनों पक्षों को विद्यालय में उपस्थित रहने को कहा था। उनके द्वारा 27 मई की तिथि को आगे बढ़ाते हुए 5 जुलाई की तिथि निर्धारित कर दोनों पक्षों को उपस्थित रहने का पत्र दिया गया था।

पांच जुलाई को काफी संख्या में ग्रामीण सहित पंचायत के लोग एवं विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्य उपस्थित थे। पदाधिकारी का नहीं आने की जानकारी मिलते ही उपस्थित ग्रामीण आक्रोशित हो गए एवं विद्यालय के जांच होने तक विद्यालय को बंद रखने का फैसला लेते हुए हुए विद्यालय के सभी कमरों में तालाबंदी कर दी। इसके बाद प्राचार्य विजय शंकर द्विवेदी ने गांव के अरुण कुमार सिंह, गणेश सिंह, शिवजी सिंह, मुजफ्फरपुर मलाही गांव निवासी सुधीर कुमार सिंह उर्फ साहेब सिंह एवं युसूफपुर गांव निवासी बबलू कुमार को नामजद एवं दस अज्ञात लोगों के विरुद्ध भगवानपुर थाना में लूट एवं अभिलेख ले जाने एवं जान मारने की धमकी देने की प्राथमिकी दर्ज कराई गई। इसके बाद 7 जुलाई को ग्रामीणों ने विद्यालय में एक बैठक करते हुए नई कमेटी का गठन कर दिया। लेकिन प्राचार्य द्वारा फिर पूर्व के आवेदन को बदलते हुए पिछले आठ जुलाई को 66950 रुपये की लूट, अभिलेख उठा ले जाने, महिला कर्मी के साथ छेड़खानी करने एवं फायरिग करने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई गई। इसके बाद ग्रामीण और आक्रोशित हो गए और मामले की जांच होने तक विद्यालय का ताला नहीं खोलने का निर्णय लेते हुए विद्यालय में तालाबंदी को बरकरार रखा।

रविवार को हुए घटनाक्रम के संबंध में ग्रामीणों ने बताया कि विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह के पुत्र केदार सिंह ने विद्यालय के छात्रों का मैट्रिक के फार्म भरने का अंतिम समय का हवाला देते हुए ताला खुलवाने को लेकर ग्रामीणों की बैठक विद्यालय प्रांगण में बुलाई थी। बैठक में काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित हुए। बैठक की कार्यवाही शुरू हुई। इसी बीच अध्यक्ष पुत्र ताला खोलने के बात पर ग्रामीणों से उलझ गए और जबरन हथौड़ा मार कर ताला तोड़ने लगे। इसके बाद ग्रामीण और अध्यक्ष पुत्र दो गुट में बंटकर मारपीट पर पर उतारू हो गए। मामला इतना बढ गया कि मारपीट की घटना घटी और अध्यक्ष पुत्र घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए ले जाया गया।

इस संबंध में भगवानपुर थानाध्यक्ष संजय कुमार ने पूछे जाने पर बताया कि घटना के संबंध में किसी पक्ष की ओर से कोई सूचना नहीं दी गई है।

Posted By: Jagran