संवाद सूत्र, पटेढ़ी बेलसर (वैशाली):

प्रखंड में बुधवार को दसवें चरण का मतदान शांतिपूर्ण सम्पन्न कराने में जिला प्रशासन सफल रहा। सुरक्षा के कड़े इंतजाम के बीच 65 फीसदी मतदान हुआ। मतदान में आधी आबादी ने सर्वाधिक सहभागिता निभाई। महिलाओं के मतदान करने का प्रतिशत पुरुषों से अधिक दिखाई दिया। प्रखंड क्षेत्र में 69 हजार 497 वोटरों में मतदान किया। प्रखंड के 9 पंचायतों में 122 मतदान केंद्रों पर विभिन्न पदों के लिए चुनाव मैदान में उतरे 1066 उम्मीदवारों के भाग्य को मतदाताओं ने ईवीएम तथा बैलेट बाक्स में बंद कर दिया है।

मतदान के दौरान सुबह के 7 बजे से ही मतदाताओं की लंबी कतार दिखाई दी। चुनाव को लेकर उत्साहित लोगों में महिलाओं की संख्या अधिक थी। यहां समय से मतदान शुरू करा दिया गया था। उत्क्रमित मध्य विद्यालय मतदान केंद्र पर भी महिला तथा पुरुषों की लंबी कतार दिखाई दी। मतदाताओं को भयमुक्त बनाए रखने के लिए मतदान केंद्र के अंदर तथा बाहर पुलिस की पर्याप्त तैनाती की गई थी। मध्य विद्यालय चकमारूफ मतदान केंद्र पर भी सबेरे से ही मतदाताओं की काफी संख्या दिखाई दी। मतदान केंद्र पर युवा वर्ग के लोगों में मतदान के प्रति खासा उत्साह दिखाई दिया। मध्य विद्यालय चितावनपुर में अपने कतार में खड़े दिखाई दिए। पंचायत भवन मनोरा में पुरुषों की अपेक्षा महिला मतदाताओं की काफी संख्या थी।

इस दौरान मध्य विद्यालय मिश्रोलिया मतदान केंद्रों पर सुबह के 7 बजे ही मतदाता लंबी कतार में खड़े थे। मध्य विद्यालय बनखोबी मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की संख्या काफी कम दिखाई दी। मतदान शांतिपूर्ण और निष्पक्ष हो इसके लिए पदाधिकारी लगातार प्रखंड क्षेत्र के सभी 122 मतदान केंद्रों पर भ्रमण करते रहे। इस बार के चुनाव में प्रत्येक मतदान केंद्र पर अलग-अलग मजिस्ट्रेट तैनात किए गए थे जिस कारण बोगस और दोबारा मतदान की संभावना नहीं रही। मतदाता भयमुक्त होकर गोपनीय तरीके से अपने मताधिकार का प्रयोग किया। कई जगहों पर युवा मतदाताओं में काफी उत्सुकता दिखाई दी। चुनाव में युवा मतदाताओं की भागीदारी किसी भी पंचायत के समीकरण को बदलने में अहम माना जाता है। वैसे इस बार के पंचायत चुनाव में महिला मतदाताओं की उपस्थिति चुनाव परिणाम को सर्वाधिक प्रभावित कर सकती है। कई मतदान केंद्रों पर पुरुष मतदाताओं का एक तरह से अकाल दिखाई दिया। मतदान के लिए घरों से निकले बुजुर्ग एवं दिव्यांग

संवाद सूत्र, पटेढ़ी बेलसर : प्रखंड क्षेत्र की अधिकांश जगहों पर पंचायत चुनाव में भागीदारी देने के लिए बुजुर्ग लोग भी घर से निकलकर मतदान केंद्र तक पहुंचे। कुछ मतदाता तो अपने स्वजन के सहारे मतदान केंद्र पर जाकर मतदान किया। कुछ जगहों पर दिव्यांग मतदाता भी मतदान केंद्र पर पहुंचे और अपने मताधिकार का प्रयोग किया। प्रखंड क्षेत्र के सभी मतदान केंद्रों के 200 मीटर की परिधि में धारा 144 लगा दिए जाने के कारण कहीं भी अनावश्यक भीड़ जमा नहीं हो सकी। मतदान केंद्र के इर्द-गिर्द लोगों की भीड़ नहीं होने से मतदाता अपने को स्वतंत्र महसूस कर रहे थे। मतदान करने के बाद भी अधिकांश मतदाता वोट की बात गोपनीय रखे थे। पंचायत चुनाव में एक साथ कई उम्मीदवार के रहने के कारण पहले से साइलेंट मोड में रहे मतदाता मतदान करने के बाद भी उसी स्थिति में दिखाई दिए। महिलाओं की खूब भागीदारी से कई प्रत्याशी हो रहे परेशान

संवाद सूत्र, पटेढ़ी बेलसर : इस बार के चुनाव में किसी भी जगह से बूथ कब्जा या अन्य तरह की शिकायत सामने नहीं आई है। वार्ड सदस्य, पंचायत समिति सदस्य, मुखिया तथा जिला परिषद सदस्य के लिए इस बार ईवीएम से वोट डाला गया, जबकि पंच सदस्य और सरपंच पद के लिए बैलेट पेपर का प्रयोग किया गया है। पहली बार पंचायत चुनाव में ईवीएम के प्रयोग से कुछ जगहों पर महिला मतदाताओं में असमंजस की स्थिति सुनाई दी। मतदान केंद्रों पर चार पद के लिए ईवीएम और दो पद के लिए बैलेट पेपर में अपने पक्षधर उम्मीदवारों का छाप पहचानने में थोड़ी दिक्कत का सामना करना पड़ा। वैसे प्रत्येक मतदान केंद्रों पर ईवीएम पर प्रत्याशियों का चुनाव चिन्ह स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा था। बावजूद इसके कुछ मतदाता परेशान नजर आ रहे थे। कुछ मतदान केंद्रों के बाहर चर्चा हो रही थी कि यदि महिला मतदाता सही से मतदान नहीं कर सकी तो मतदान का परिणाम उलट भी सकता है। इस बात की चिता अधिकांश प्रत्याशियों में सुनाई दी। वैसे इस तरह के मतदान केंद्रों की संख्या कम थी। इसके बावजूद प्रखंड में शांतिपूर्ण वातावरण में खूब मतदान हुआ।

Edited By: Jagran