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बाहर निकली लोहे की रॉड, धंस रहा बीच का हिस्सा; सुपौल में तिलयुगा नदी के पुल पर जान हथेली पर रख सफर कर रहे ग्रामीण

Published: Mon, 31 Aug 2026 08:38 AM (IST)

Supaul Marauna Bridge: सुपौल के मरौना प्रखंड में तिलयुगा नदी पर बना स्क्रू पाइल पुल बेहद जर्जर और खतरनाक स्थिति ...और पढ़ें

Supaul Marauna Bridge: परिकोच पंचायत में तिलयुगा नदी पर बना पुल जर्जर, भारी वाहनों के गुजरते ही कांप उठता है ढांचा

Supaul Marauna Bridge: परिकोच पंचायत में तिलयुगा नदी पर बना पुल जर्जर, भारी वाहनों के गुजरते ही कांप उठता है ढांचा

HighLights

  1. पुल की छत टूटी, लोहे की रॉड बाहर निकली।

  2. बीच का हिस्सा धंसा, बड़े वाहनों से कांपता पुल।

  3. ग्रामीणों ने तत्काल मरम्मत या नया पुल बनाने की मांग की।

संवाद सूत्र, मरौना (सुपौल)। Supaul Marauna Bridge:परिकोच पंचायत अंतर्गत छरापट्टी-घोघररिया हाट तक जाने वाली मुख्य सड़क पर तिलयुगा नदी के ऊपर विधायक निधि से निर्मित स्क्रू पाइल पुल इन दिनों बेहद जर्जर और खतरनाक स्थिति में पहुंच चुका है। पुल की जर्जर हालत ऐसी हो गई है कि इस पर कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। प्रतिदिन इस मार्ग से गुजरने वाले सैकड़ों राहगीरों और वाहन चालकों के मन में हर समय किसी अनहोनी की आशंका बनी रहती है।

पुल की छत कई जगहों से टूटकर क्षतिग्रस्त हो चुकी है और उसमें लगी लोहे की छड़ें (रॉड) बाहर निकल आई हैं, जिससे गाड़ियों के टायर फंसने व फटने का खतरा बना रहता है। इसके साथ ही पुल का एक हिस्सा बीच में धंस गया है, जिसने आवागमन को और अधिक जोखिम भरा बना दिया है।

बड़े वाहनों के गुजरते ही कांप उठता है पूरा ढांचा

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, जैसे ही कोई भारी या चारपहिया वाहन पुल के ऊपर से गुजरता है, पूरा ढांचा थरथराने लगता है और पुल में तेज कंपन होने लगता है। कंपन और आवाज के कारण पैदल व दोपहिया वाहनों से गुजरने वाले लोगों की धड़कनें तेज हो जाती हैं। कई बार डर के मारे लोग पुल के किनारे खड़े होकर पहले दूसरे भारी वाहनों के निकल जाने का इंतजार करते हैं। मजबूरी में लोग जान हथेली पर रखकर इस पुल को पार कर रहे हैं।

  • मरौना प्रखंड की परिकोच पंचायत अंतर्गत छरापट्टी-घोघररिया हाट मार्ग पर तिलयुगा नदी का स्क्रू पाइल पुल हुआ बेहद जर्जर

  • पुल की छत कई जगह से टूटी, लोहे की रॉड बाहर निकली और बीच का हिस्सा धंसा; बड़े वाहनों के चढ़ते ही कांपने लगता है पुल

  • तुलसियाही, बेला, मोरकियाही, गिदराही समेत दर्जनों गांवों के लोगों का निर्मली, मरौना और दरभंगा जाने का है मुख्य मार्ग

  • ग्रामीणों ने प्रशासन व जनप्रतिनिधियों से की तत्काल मरम्मत या नए पुल निर्माण की मांग; रास्ता बंद होने पर बढ़ेगी मीलों की दूरी

दर्जनों गांवों के आवागमन की लाइफलाइन है यह पुल

प्रतिदिन तुलसियाही, बेला, मोरकियाही, गिदराही, मंगासिहोल सहित आसपास के दर्जनों गांवों के सैकड़ों लोग इसी पुल से होकर निर्मली अनुमंडल मुख्यालय, मरौना प्रखंड कार्यालय, दरभंगा व अन्य बाजारों तक आते-जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इसी मार्ग से आम जनता के अलावा प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी भी लगातार गुजरते हैं, लेकिन आज तक किसी भी स्तर पर इसकी मरम्मत को लेकर ठोस कदम नहीं उठाया गया।

रास्ता बंद हुआ तो बढ़ेगी दूरी, नए पुल की मांग

संजय यादव, ललित यादव, राकेश कुमार, नारायण यादव, विनोद यादव, कमल यादव, सूर्य नारायण यादव और शिव रंजन यादव सहित अन्य ग्रामीणों का कहना है कि यदि यह पुल पूरी तरह क्षतिग्रस्त होकर बंद हो गया, तो पूरे इलाके का संपर्क टूट जाएगा।

ग्रामीणों को मीलों का चक्कर लगाकर गंतव्य तक पहुंचना होगा, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी होगी। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि इस पुराने पुल की तत्काल मरम्मत कराई जाए या फिर इसके समानांतर नए पुल का निर्माण कराया जाए ताकि किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।