सुपौल के कदमहा चौर में बदलेगी रोजगार की तस्वीर! मत्स्य पालन की तैयारी तेज, डीडीसी ने रैयतों की सूची बनाने का दिया निर्देश
Supaul Fish Inspection: सुपौल जिले के मरौना प्रखंड अंतर्गत कदमहा चौर क्षेत्र में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने की प्रशासनिक पहल शुरू हो गई है।

कदमहा चौर का निरीक्षण करते डीडीसी इंद्रवीर कुमार व अन्य अधिकारी।
HighLights
डीडीसी इंद्रवीर कुमार ने कदमहा चौर क्षेत्र का निरीक्षण किया।
मत्स्य पालन से स्थानीय लोगों को रोजगार और आय मिलेगी।
रैयतों की भूमि का ब्योरा तैयार करने का निर्देश दिया गया।
संवाद सूत्र, मरौना (सुपौल)। Supaul Fish Inspection: सुपौल जिले के मरौना प्रखंड अंतर्गत कदमहा पंचायत स्थित चौर क्षेत्र में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने और स्थानीय जल संसाधनों के समुचित उपयोग को लेकर प्रशासनिक पहल शुरू कर दी गई है।
उप विकास आयुक्त (डीडीसी) इंद्रवीर कुमार ने अधिकारियों की टीम के साथ कदमहा चौर क्षेत्र का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने चौर की भौगोलिक बनावट, जल की उपलब्धता और मत्स्य पालन के व्यावसायिक क्रियान्वयन की संभावनाओं का गहराई से जायजा लिया।
सुपौल जिले के मरौना प्रखंड स्थित कदमहा पंचायत के चौर क्षेत्र का उप विकास आयुक्त (डीडीसी) इंद्रवीर कुमार ने किया स्थलीय निरीक्षण
क्षेत्र में उपलब्ध जल संसाधनों का बेहतर उपयोग कर व्यवस्थित तरीके से मत्स्य पालन विकसित करने की संभावनाओं को खंगाला गया
डीडीसी ने अंचल अमीन को चौर क्षेत्र में आने वाली भूमि और संबंधित रैयतों (भू-स्वामियों) की विस्तृत सूची तैयार करने का दिया निर्देश
निरीक्षण के दौरान प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) रचना भारतीय, जिला मत्स्य पदाधिकारी और समाजसेवी बजरंग कामत रहे मौजूद
डीडीसी ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में मत्स्य पालन को सुसंगत और व्यवस्थित रूप से विकसित करने के लिए भूमि के स्वामित्व एवं रैयतों से संबंधित आंकड़ों का संकलन अत्यंत आवश्यक है।
अंचल अमीन को रैयतों की सूची बनाने के निर्देश, योजना कार्यान्वयन में मिलेगी मदद
निरीक्षण के दौरान डीडीसी इंद्रवीर कुमार ने मौके पर मौजूद अंचल अमीन को निर्देश दिया कि चौर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी रैयतों और उनकी भूमि का रकबा व ब्योरा तुरंत तैयार करें।
उन्होंने कहा कि भू-स्वामियों से जुड़ी पूरी जानकारी उपलब्ध होने के पश्चात सरकारी योजनाओं के तहत मत्स्य पालन के मॉडल को धरातल पर उतारने में सहूलियत होगी।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे क्षेत्र में पानी के ठहराव की अवधि, भूमि की स्थिति और तकनीकी मानकों से संबंधित आंकड़े प्राथमिकता के आधार पर एकत्र करें।
स्थानीय स्तर पर पैदा होंगे रोजगार के अवसर, बीडीओ व जिला मत्स्य अधिकारी रहे मौजूद
डीडीसी ने कहा कि चौर क्षेत्र में व्यवस्थित मत्स्य पालन शुरू होने से स्थानीय लोगों और किसानों को रोजगार तथा अतिरिक्त आय का मजबूत जरिया प्राप्त होगा।
साथ ही अनुपयोगी पड़े जल संसाधनों का भी बेहतर व्यावसायिक इस्तेमाल हो सकेगा। निरीक्षण के दौरान जिला मत्स्य पदाधिकारी, मरौना की प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) रचना भारतीय, समाजसेवी बजरंग कामत तथा अंचल अमीन सहित कई अन्य कर्मी उपस्थित थे।
अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि रैयतों की सूची अंतिम रूप लेते ही मत्स्य पालन की विस्तृत योजना तैयार कर आगे की प्रशासनिक कार्रवाई शुरू की जाएगी।
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"क्षेत्र में उपलब्ध जल संसाधनों का बेहतर उपयोग कर मत्स्य पालन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार और आय का अतिरिक्त साधन मिलेगा। अंचल अमीन को चौर क्षेत्र के सभी रैयतों की सूची तैयार करने का निर्देश दिया गया है ताकि योजना को सुचारू रूप से आगे बढ़ाया जा सके।"
— इंद्रवीर कुमार, उप विकास आयुक्त (डीडीसी), सुपौ
