सुपौल-अररिया हाईवे पर तेज रफ्तार का कहर, हादस में मधेपुरा के 2 युवकों की मौत, 1 गंभीर
सुपौल-अररिया नेशनल हाईवे 327-ई पर मंगलवार शाम हुए भीषण सड़क हादसे में दो युवकों की मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल है।

सुपौल-अररिया हाईवे पर तेज रफ्तार का कहर, दो युवकों की मौत; एक घायल

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संवाद सूत्र, जदिया (सुपौल)। सुपौल-अररिया नेशनल हाईवे 327-ई पर मंगलवार की संध्या एक बार फिर तेज रफ्तार ने कहर बरपाया। जदिया थाना क्षेत्र के पांडेपट्टी गया चौक के समीप हुए भीषण सड़क हादसे में दो युवकों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद इलाके में मातम पसर गया है।
स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, खजुरी से जदिया की ओर आ रही बाइक पर सवार तीन युवकों को सुपौल से अररिया की ओर जा रहे एक अनियंत्रित कंटेनर ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और तीनों युवक सड़क पर लहूलुहान होकर गिर पड़े।
घटना के बाद ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए जदिया थाना पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अनुमंडलीय अस्पताल त्रिवेणीगंज पहुंचाया जहां इलाज के दौरान श्रीनगर थाना क्षेत्र के पुरैनी पंचायत वार्ड 11 निवासी स्व. मो. आलम के 21 वर्षीय पुत्र मो. शहवाज और मधेपुरा जिले के सुखासन निवासी मो. इख़लाक के 19 वर्षीय पुत्र अरमान की मौत हो गई।
तीसरे घायल मधेपुरा के श्रीनगर थाना क्षेत्र के पुरैनी निवसी मो मतीन के 20 वर्षीय पुत्र मो. साहेब उर्फ जेबा की हालत नाजुक देखते हुए उसे बेहतर उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज मधेपुरा रेफर किया गया है।
इधर, हादसे के बाद कंटेनर चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने दोनों वाहनों को जब्त कर थाना लाया है तथा शव को पोस्टमार्टम के लिए सुपौल भेज दिया है। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने कुछ देर के लिए हाईवे जाम कर प्रदर्शन किया।
लोगों का आरोप है कि जदिया से जेबीसी नहर चौक तक हाईवे पर सुरक्षा के समुचित इंतजाम नहीं हैं। खासकर खतरनाक मोड़ों पर रेडियम रिफ्लेक्टर नहीं लगाए गए हैं, जिससे अंधेरा होते ही सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने जाम हटवाकर यातायात बहाल कराया।
ग्रामीणों ने प्रशासन और हाईवे विभाग से अविलंब सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो इस मार्ग पर हादसों का सिलसिला यूं ही जारी रहेगा। यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर गया है।
