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सुपौल के छात्रों ने बनाए AI व तकनीक के स्मार्ट मॉडल! 24 घंटे चला आंतरिक हैकाथॉन, राष्ट्रीय स्तर के SIH में दिखाएंगे दम

Published: Mon, 14 Sep 2026 11:57 AM (IST)

Supaul Engineering College Smart India Hackathon: सुपौल अभियंत्रण महाविद्यालय में 'स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन (SIH)-2026' हेतु 24 घंटे का आंतरिक हैकाथॉन ...और पढ़ें

Supaul Engineering College Smart India Hackathon: सुपौल अभियंत्रण महाविद्यालय में 24 घंटे का आंतरिक हैकाथॉन संपन्न, राष्ट्रीय स्तर के SIH के लिए चुनी गईं टीमें

Supaul Engineering College Smart India Hackathon: सुपौल अभियंत्रण महाविद्यालय में 24 घंटे का आंतरिक हैकाथॉन संपन्न, राष्ट्रीय स्तर के SIH के लिए चुनी गईं टीमें

HighLights

  1. सुपौल में 24 घंटे का आंतरिक हैकाथॉन, SIH 2026 हेतु।

  2. छात्रों ने AI, साइबर सुरक्षा, कृषि पर स्मार्ट मॉडल प्रस्तुत किए।

  3. शीर्ष टीमों को राष्ट्रीय स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन के लिए नामांकित किया।

जागरण संवाददाता, सुपौल। Supaul Engineering College Smart India Hackathon: बिहार सरकार के विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अधीन संचालित सुपौल अभियंत्रण महाविद्यालय में तकनीकी नवाचार और रचनात्मक सोच का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला। संस्थान में 'स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन (SIH)-2026' की राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए 24 घंटे का आंतरिक हैकाथॉन (इंटरनल हैकाथॉन) आयोजित किया गया। 12 से 13 सितंबर तक निरंतर चले इस बहुप्रतीक्षित आयोजन का संचालन इंस्टीट्यूशंस इनोवेशन काउंसिल (IIC), टेक्निकल क्लब

स्टार्टअप सेल के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। इस मैराथन प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय स्तर के स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन के लिए कॉलेज की सबसे उत्कृष्ट और नवाचारी टीमों का चयन करना था।

24 घंटे चले इस आंतरिक हैकाथॉन में कॉलेज के विभिन्न संकायों की 12 चुनिंदा टीमों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूरी प्रतियोगिता के दौरान भावी इंजीनियरों ने देश और समाज के समक्ष मौजूद जटिल समस्याओं के तकनीकी व व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत किए। छात्रों ने रक्षा, साइबर सुरक्षा, आधुनिक कृषि, पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा, नागरिक सुविधाओं और आपदा प्रबंधन जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण विषयों पर अपने शोध-आधारित प्रोजेक्ट्स और प्रस्तुतियां दीं।

एआई ईमेल थ्रेट डिटेक्शन से लेकर स्मार्ट जल शोधन तक के मॉडल

प्रतियोगिता के दौरान छात्रों द्वारा तैयार किए गए तकनीकी मॉडल आकर्षण का केंद्र रहे। प्रतिभागियों ने:

  • साइबर व डेटा सुरक्षा: एआई आधारित ईमेल थ्रेट डिटेक्शन एवं फॉरेंसिक इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म तथा एंटरप्राइज क्रिप्टोग्राफिक डिस्कवरी एंड एनालिसिस टूल।

  • स्मार्ट ट्रांसपोर्टेशन व नागरिक सेवाएं: सार्वजनिक परिवहन सुगमता के लिए एआई आधारित अर्बन इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म और को-ऑपरेटिव गिग सर्विसेज प्लेटफॉर्म।

  • कृषि एवं ग्रामीण विकास: डेयरी किसानों के लिए कम लागत वाले मिल्क चिलिंग केन, किसानों के लिए बाजार जुड़ाव व सटीक मूल्य खोज प्लेटफॉर्म।

  • पर्यावरण व स्वास्थ्य: ग्रामीण और खनन प्रभावित क्षेत्रों के लिए किफायती 'स्मार्ट जल शोधन प्रणाली' (Water Purification System) तथा आपदा प्रबंधन के आधुनिक तकनीकी मॉडल पेश किए।

तीन चरणों में हुआ मूल्यांकन, शीर्ष 3 टीमें सम्मानित

12 सितंबर को उद्घाटन के बाद विशेषज्ञ जूरी सदस्यों ने लगातार 24 घंटे तक तीन चरणों में सभी 12 टीमों का विस्तृत व कड़ा मूल्यांकन किया। मूल्यांकन का आधार विचारों की नवीनता (इनोवेशन), तकनीकी जटिलता, व्यावहारिक उपयोगिता और लागत प्रभाविता को बनाया गया।

  • सुपौल अभियंत्रण महाविद्यालय में 'स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2026' के तहत 24 घंटे का आंतरिक हैकाथॉन सफलतापूर्वक संपन्न

  • संस्थान की 12 टीमों ने लिया भाग; साइबर सुरक्षा, एआई, कृषि, पर्यावरण, जल शोधन और आपदा प्रबंधन पर पेश किए मॉडल

  • विशेषज्ञ जूरी ने 3 चरणों में किया मूल्यांकन; शीर्ष तीन टीमों को किया गया पुरस्कृत, राष्ट्रीय मंच के लिए होगा नामांकन

  • प्राचार्य डॉ. अच्युता नंद मिश्रा और समन्वयक डॉ. चंदन कुमार ने छात्रों के नवाचार और तकनीकी दृष्टिकोण की सराहना की

समापन समारोह में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अच्युता नंद मिश्रा ने छात्रों की लगन और नवाचारी सोच की भूरि-भूरि प्रशंसा की। कार्यक्रम के समन्वयक सह डीन एकेडेमिक्स (एसपीओसी) डॉ. चंदन कुमार ने बताया कि कड़े मूल्यांकन के बाद चुनी गई उत्कृष्ट टीमों को राष्ट्रीय स्तर की स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन प्रतियोगिता के लिए विधिवत नामांकित किया जाएगा।

प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली शीर्ष तीन टीमों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया, जबकि सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र देकर प्रोत्साहित किया गया। कार्यक्रम के सफल संचालन में छात्र समन्वयक यश राज, जोसेफ, सूरज सहित सहायक प्राध्यापक व जूरी सदस्य गोपाल कृष्णा, डॉ. अजमत राजा, डॉ. चंद्रशेखर कुमार और गौरव कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।