संवाद सूत्र, छातापुर (सुपौल): प्रखंड क्षेत्र में तीसरे चरण के तहत होने वाले पंचायत चुनाव को लेकर सरगर्मी बढ़ गई है। हालांकि अब तक अभ्यर्थियों को चुनाव चिन्ह आवंटित नहीं किया गया है, बावजूद सभी पदों के उम्मीदवार जोर-शोर से चुनाव के प्रचार-प्रसार में जुट गए हैं। विगत पंचायत चुनाव की अपेक्षा इस बार के चुनाव में वार्ड सदस्य के पद हेतु काफी मारामारी दिख रही है। अभ्यर्थी अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार बैठे हैं। वहीं मुखिया पद के प्रत्याशियों में भी अपने प्रतिस्पर्धी के साथ ज्यादा से ज्यादा नोट खर्च करने की होड़ दिख रही है। कई जगह तो बाकायदा प्रत्याशियों द्वारा वोटरों को रिझाने के लिए भोज का आयोजन किया जा रहा है तो कहीं कहीं शराब का भी पूरा इंतजाम है। पंचायत चुनाव को लेकर शराब माफियाओं की सक्रियता भी काफी बढ़ गई है। गौरतलब है कि चुनाव के दरम्यान शराब की मांग व कीमत काफी बढ़ जाती है जिस कारण शराब तस्करों ने अभी से स्टाक बढ़ाना शुरू कर दिया है। इस बीच चुनाव के दौरान खर्च सीमा को नियंत्रित करते हुए राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी पद के अभ्यर्थियों के लिए चुनाव खर्च की अधिकतम सीमा तय कर दी है। बीडीओ सह प्रखंड निर्वाची पदाधिकारी रीतेष कुमार सिंह ने बताया कि अलग-अलग पदों के लिए कुल 2910 अभ्यर्थियों ने नामांकन पत्र भरा है जिसके संवीक्षा का कार्य अंतिम दिन पंचायत वार्ड सदस्य कुल 1546 में 3 नामांकन को रद्द किया। जबकि ग्राम कचहरी पंच के कुल 755 में एक नामांकन स्वयं अभ्यर्थी के आवेदन पर रद्द किया गया। बताया कि जिला परिषद के अभ्यर्थी चुनाव के दरम्यान अधिकतम एक लाख रुपये तक खर्च कर सकते हैं वहीं मुखिया व सरपंच पद के प्रत्याशी अधिकतम 40 हजार,ग्राम पंचायत सदस्य अधिकतम 30 हजार तथा ग्राम कचहरी पंच 20 हजार तक खर्च कर पाएंगे। इसके साथ ही चुनाव प्रचार हेतु जिला परिषद प्रत्याशी दो हल्के चार पहिया वाहन अथवा चार दोपहिया यांत्रिक वाहन का उपयोग कर पाएंगे।अभ्यर्थी यदि चाहें तो वे एक चार पहिया हल्के वाहन के साथ दो मोटरसाइकिल का भी प्रयोग कर सकते हैं। वहीं मुखिया ,सरपंच व पंचायत समिति सदस्य पद के प्रत्याशी एक हल्के चार पहिया वाहन अथवा दो मोटरसाइकिल का प्रयोग कर पाएंगे।

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