सुपौल। भले ही सरकार हर गांव को सड़कों से जोड़ने का लाख ढि़ढ़ोरा पीट ले लेकिन सरजमीन पर आज भी स्थिति ठीकठाक नहीं कही जा सकती। सरायगढ़-भपटियाही प्रखंड की सबसे बड़ी पंचायत झिल्ला डुमरी के वार्ड नंबर 5 के निवासियों को वार्ड नंबर 9 तक जाने आने के लिए सड़क नहीं होने से समस्याएं बनी है। झिल्लाडुमरी के वार्ड नंबर 5 से होते हुए देवराज सिंह कामत तक एक जर्जर कच्ची सड़क है लेकिन बरसों से उस पर मिट्टी नहीं डाली गई है। इस कारण इस सड़क का लेवल खेतों से भी नीचे चला गया है जिस पर लोगों को पैदल चलना भी आसान नहीं रह गया है। विशनपुर गांव के लोगों को अपने ही पंचायत के पूरब के गांव झिल्ला, माकर गढि़या सहित अन्य जगहों पर जाने के लिए 5 से 7 किलोमीटर तक की दूरी तय करनी पड़ती है। दाहुपट्टी विशनपुर गांव के हंसराज यादव, रामचंद्र यादव, कुसुम लाल यादव, शंभू मेहता, गणेशी सादा, सुखदेव सादा, हरदेव प्रसाद, रामचंद्र प्रसाद, राजदेव यादव आदि कहते हैं कि दाहुपट्टी विशनपुर तथा झिल्ला और माकर गढि़या गांव के बीच एक धार बहती है। कई वर्ष पूर्व धार में पुल भी बनाया गया। लेकिन सड़क पर मिट्टी नहीं दिए जाने से वह पुल बेकार बना रह गया। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार सरकारी अधिकारी उस सड़क को देखने तो आते हैं लेकिन जाने के बाद उसका कोई फलाफल नहीं निकलता है। ग्रामीणों का कहना है कि यह पंचायत प्रखंड की सबसे बड़ी पंचायत है। वहां की आबादी के लिए आवागमन की जो सुविधाएं हैं उसको लेकर कई बार सवाल उठाए जाते रहे हैं। ग्रामीणों की माने तो यदि बिशनपुर दाहुपट्टी से लेकर झिल्ला तथा माकर गढि़या के बीच दो जगहों पर सड़क तथा पुलिया का निर्माण करा दिया जाए तो इस पंचायत का उद्धार हो जाएगा। लोग बताते हैं कि बिशनपुर तथा दाहुपट्टी गांव के सामने झिल्ला तक जाने के लिए सीधी सड़क नहीं होने से लोगों को काफी परेशानी होती है। सड़क के अभाव में खेती-बारी का कार्य भी ठीक से नहीं हो पा रहा है।

Posted By: Jagran