सुपौल। लोकसभा चुनाव के माहौल में क्षेत्र की ज्वलंत समस्याओं से निदान पाने के लिए जनता टकटकी लगाई है। लोगों की आशा निराशा में तब्दील हो रही है। विकास के इस दौर में अभी भी ज्वलंत समस्याओं के प्रति व्यवस्था बिल्कुल ही आंखें मूंदी हुई है। शायद व्यवस्था को हादसे का इंतजार है। इधर इस गंभीर समस्या का खामियाजा निरीह जनता को भुगतना पड़ता है। क्षेत्र से होकर गुजरने वाली गम्हरिया उपशाखा नहर पर बने पुलों की टूटी रेलिग लंबे समय से हादसों को खुला न्योता दे रहा है, लेकिन बावजूद इसके संबंधित विभाग मूकदर्शक बने हुए हैं एवं रहनुमाओं की नजरें इनायत नहीं हो रही है। नतीजतन यह टूटी रेलिग के चलते लोग हर समय भयभीत रहते हैं। ठंड के मौसम में कुहासा छाने के बाद इन पुलों से गुजरते वक्त कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। जानकारी के अनुसार बायसी एवं रतनपुर में गम्हरिया उपशाखा नहर में बने पुलों की दशा दयनीय हो गई हैं। इन पुलों की रेलिग पूरी तरह टूट चुकी है, जिसके चलते आए दिन छोटे-बड़े हादसे होते ही रहते हैं। बायसी-बलुआ पथ में बायसी गुरमैता टोला के निकट एवं ढाढा-विशनपुर पथ में रतनपुर कन्या विद्यालय के समीप गम्हरिया उपशाखा नहर में बने पुल की दोनों ओर से टूटी रेलिग राहगीरों के लिए किसी मुसीबत से कम नहीं है। पुल के बगल में ही सरकारी स्कूल होने के चलते स्कूल आने वाले कई बच्चे एवं मवेशी गिरकर घायल हो चुके हैं। साथ ही इन सड़कों पर दिनभर वाहनों की आवाजाही लगी रहती है। अब तो अभिभावक भी बच्चों को स्कूल भेजने के लिए सहमे रहते हैं। बावजूद इसके पुल की रेलिग ठीक करवाने के प्रति गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। क्षेत्र के लोगों ने बताया कि इन पुलों से रोजाना बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहनों व लोगों की आवाजाही होती रहती है। लेकिन टूटी हुई रेलिग ठीक करवाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। इस बारे में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन व संबंधित विभाग से अविलंब रेलिग ठीक करवाने की मांग की है।

Posted By: Jagran