मोदी सरकार - 2.0 के 100 दिन

सुपौल। सरकार के लाख प्रयास के बावजूद भी स्वास्थ्य के क्षेत्र में कोई खास लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने को लेकर सरकार के निर्देश पर उप स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना कराई गई थी। जिससे ग्रामीण स्तर के लोगों को प्राथमिक स्तर की स्वास्थ्य सुविधा का लाभ मिल सके और ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को छोटे-छोटे उपचार को लेकर अन्यत्र नहीं जाना पड़े। सरकार के निर्देश पर ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य केंद्र को लेकर भवन आदि का भी निर्माण कराया गया। भवन निर्माण होने के उपरांत स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा लोगों का उपचार आदि भी किया जाने लगा। लेकिन धीरे-धीरे चिकित्सकों का आवागमन साप्ताहिक होने लगा। वर्तमान में यह उप स्वास्थ्य केंद्र दिखावे का बनकर रह गया है। जिसकी सुधि लेने वाला भी कोई नहीं। नतीजा है कि मेहासिमर पंचायत में बना यह उप स्वास्थ्य केन्द्र अतिक्रमण का शिकार बनकर रह गया है। उप स्वास्थ्य केंद्र में व्याप्त अव्यवस्था पर समाजसेवी शैलेंद्र कुमार, नागेंद्र चंद्र, रौशन कुमार, पप्पू कुमार, महादेव चौधरी, जगेश यादव, शिव कुमार शर्मा, कार्तिक पाल, बैजू पाल, बाल मुकुंद यादव, मु. सहजाद, मु ताहिर सहित दर्जनों लोगों का कहना है कि यह स्वास्थ्य केन्द्र पूरी तरह से सुविधा विहीन होकर रह गया है। जबकि यह इलाका पूरी तरह से पिछड़ा और गरीबों का क्षेत्र है।

Posted By: Jagran

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